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Bihar HMRS : अब छुट्टी के लिए नहीं लगेंगे दफ्तर के चक्कर! बिहार सरकार का नया नियम आज से लागू

बिहार सरकार ने राज्यकर्मियों के लिए छुट्टी लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी है। 1 जुलाई 2026 से अब सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी केवल HMRS पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए ही अवकाश के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 01, 2026, 9:45:24 AM

Bihar HMRS : अब छुट्टी के लिए नहीं लगेंगे दफ्तर के चक्कर! बिहार सरकार का नया नियम आज से लागू

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Bihar HMRS : बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अवकाश (Leave) लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 1 जुलाई 2026 से किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होगा। राज्य सरकार ने सभी विभागों में अवकाश प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी केवल HMRS (Human Resource Management System) पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और कागजरहित बनाना है ताकि कर्मचारियों को छुट्टी लेने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

अब हर तरह की छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी

नई व्यवस्था के अनुसार आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश (EL), चिकित्सा अवकाश (Medical Leave), मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश सहित सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए केवल HMRS पोर्टल या मोबाइल ऐप का उपयोग करना होगा। कर्मचारी द्वारा ऑफलाइन दिए गए आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से अवकाश आवेदन की पूरी प्रक्रिया एकीकृत हो जाएगी और सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू होगी।

मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया

राज्यकर्मियों को सबसे पहले HMRS मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीकरण करना होगा। इसके बाद कर्मचारी अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित सक्षम अधिकारी उसी पोर्टल पर उसे देखेंगे और ऑनलाइन ही स्वीकृत या अस्वीकृत करेंगे।

इस व्यवस्था में आवेदन की स्थिति भी कर्मचारी अपने लॉगिन के माध्यम से कभी भी देख सकेंगे। इससे छुट्टी के आवेदन की जानकारी के लिए अलग से कार्यालय जाने या संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी।

कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

सरकार का मानना है कि नई डिजिटल प्रणाली से कर्मचारियों का समय बचेगा और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। पहले कई बार छुट्टी के आवेदन जमा करने, फाइल आगे बढ़ाने और स्वीकृति लेने में काफी समय लग जाता था। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से आवेदन कुछ ही मिनटों में संबंधित अधिकारी तक पहुंच जाएगा।

इसके अलावा अधिकारी भी किसी भी स्थान से लॉगिन कर आवेदन पर निर्णय ले सकेंगे, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी बनेगी।

हर कर्मचारी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित

HMRS प्रणाली लागू होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी के अवकाश का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। किस कर्मचारी ने कब और कितने दिनों की छुट्टी ली, कितनी छुट्टी शेष है और कौन-कौन से आवेदन लंबित हैं, इसकी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी।

इससे मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) को भी मजबूती मिलेगी और विभागों को अवकाश संबंधी रिकॉर्ड तैयार करने या सत्यापन करने में आसानी होगी। साथ ही लंबित आवेदनों की निगरानी और रिपोर्ट तैयार करना भी पहले की अपेक्षा अधिक आसान होगा।

आज से पूरे राज्य में लागू हुई नई व्यवस्था

सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से यह व्यवस्था पूरे बिहार में प्रभावी हो गई है। सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द HMRS ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीकरण पूरा करने की सलाह दी गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में अवकाश से संबंधित सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इस कदम को बिहार सरकार के ई-गवर्नेंस अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे सरकारी कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जवाबदेह बनने की उम्मीद है।