1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 18, 2026, 2:14:34 PM
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BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जो राज्य की सियासी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने की कोशिश करेंगे। यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक समीकरणों में आए बदलाव ने पूरे राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है।
18वीं बिहार विधानसभा का दूसरा सत्र आगामी 24 अप्रैल 2026 को बुलाया गया है। यह सत्र केवल एक दिन का होगा, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस विशेष सत्र में नई बनी सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, सत्र की अधिसूचना मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और विधायकों को भेज दी गई है। यह पत्र निदेशक राजीव कुमार, बिहार विधान सभा, पटना के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सत्र 24 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से बिहार विधानसभा भवन, पटना में आयोजित किया जाएगा।
इस सत्र का मुख्य एजेंडा नई सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश करना है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार इस सत्र में अपने बहुमत का परीक्षण करेगी। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
गौरतलब है कि बिहार में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद नई सरकार का गठन हुआ है। ऐसे में यह विश्वास मत सरकार की स्थिरता और राजनीतिक मजबूती का पहला बड़ा परीक्षण माना जा रहा है। विधानसभा के इस विशेष सत्र पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी पत्र में सभी विधायकों से निर्धारित समय पर सदन में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सत्र की कार्यवाही समय पर शुरू की जाएगी और सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है।