Hindi News / bihar / patna-news / BIHAR NEWS : खेत में मौत का करंट! पत्नी को बचाने गए पति...

BIHAR NEWS : खेत में मौत का करंट! पत्नी को बचाने गए पति की भी गई जान, इस जिले से आई दिल दहला देने वाली घटना

कटिहार में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, जहां खेत में काम कर रहे दंपति की करंट लगने से मौत हो गई—अब चार मासूम बच्चों का सहारा कौन बनेगा?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 18, 2026, 1:52:15 PM

BIHAR NEWS : खेत में मौत का करंट! पत्नी को बचाने गए पति की भी गई जान, इस जिले से आई दिल दहला देने वाली घटना

- फ़ोटो

BIHAR NEWS : कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर पंचायत के चिकनी गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खेत में सिंचाई करने गए एक दंपति की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।


मृतकों की पहचान रंजन ठाकुर और उनकी पत्नी रंजना देवी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पति-पत्नी अपने खेत में पानी पटाने के लिए गए थे। इसी दौरान खेत के पास से गुजर रहे खुले बिजली के तार में अचानक रंजना देवी फंस गईं और उन्हें जोरदार करंट लग गया। पत्नी को तड़पता देख रंजन ठाकुर उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन दुर्भाग्यवश वे भी उसी करंट की चपेट में आ गए।


करंट इतना तेज था कि दोनों बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की और आनन-फानन में मनिहारी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।


इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक दंपति अपने पीछे चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। सबसे छोटा बच्चा अभी बहुत कम उम्र का है। एक ही पल में इन मासूम बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ जाना पूरे इलाके के लिए बेहद दुखद है। ग्रामीणों का कहना है कि अब इन बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।


घटना की पुष्टि करते हुए मनिहारी के डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि खेत में गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बिजली विभाग की लापरवाही तो इस घटना की वजह नहीं बनी।


ग्रामीणों ने बताया कि चिकनी गांव के खेतों के बीच से लंबे समय से खुले और जर्जर बिजली के तार गुजर रहे हैं। इसको लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग को शिकायत भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इन तारों को ठीक कर दिया जाता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।


इस घटना के बाद गांव के लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि खेतों में गुजर रहे सभी बिजली के तारों को तुरंत दुरुस्त किया जाए, उन्हें इंसुलेट किया जाए और ऊंचे खंभों पर लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।


घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण के लिए सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात कही गई है।


स्थानीय जनप्रतिनिधि बंटी सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मदद के साथ-साथ समाज को भी आगे आकर इन बच्चों की जिम्मेदारी उठानी होगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।


यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और बिजली विभाग इस हादसे के बाद कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।