ब्रेकिंग
पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीरपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीर

बिहार में 62 हजार करोड़ का बिजली घोटाला: RK सिंह बोले...सरकार ने अडाणी से किया गलत समझौता

RK सिंह ने कहा कि इस घोटाले में बिजली विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं और इस पूरे प्रकरण की CBI से जांच कराई जानी चाहिए। आरके सिंह ने दावा किया कि यह घोटाला राज्य में एक थर्मल पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार ने अडाणी समूह के साथ गलत बिजली खरीद

बिहार
सीबीआई जांच की मांग
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले राज्य की राजनीति में बिजली समझौते को लेकर बड़ा बवाल मच गया है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बिहार सरकार पर 62 हजार करोड़ रुपए के बिजली घोटाले का आरोप लगाया है।


RK सिंह ने कहा कि इस घोटाले में बिजली विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं और इस पूरे प्रकरण की CBI से जांच कराई जानी चाहिए। आरके सिंह ने दावा किया कि यह घोटाला राज्य में एक थर्मल पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार ने अडाणी समूह के साथ गलत बिजली खरीद समझौता (PPA) किया है।


आरके सिंह ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने 25 साल के लिए बिजली खरीदने का एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत बिहार सरकार को 6 रुपए 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी होगी, जबकि मौजूदा दर इससे काफी कम है। उन्होंने कहा कि इस एग्रीमेंट की शर्तों और जमीन आवंटन प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं, जिससे जनता पर बड़ा बोझ पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि "यह समझौता राज्य की जनता के साथ धोखा है। इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें