Bihar IAS officers : बिहार में आईएएस अधिकारियों की कमी जल्द ही काफी हद तक दूर होने वाली है। अप्रैल महीने में राज्य को 2025 बैच के 11 नए युवा आईएएस (ट्रेनी) अधिकारी मिलने जा रहे हैं। इन अधिकारियों के आने से पहले से काम के दबाव में काम कर रहे अफसरों को राहत मिलेगी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। ये सभी अधिकारी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की 2025 परीक्षा पास कर चुके हैं और फिलहाल लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये 17 अप्रैल को बिहार में योगदान देंगे।
देशभर से चुने गए युवा अधिकारी
बिहार को मिलने वाले इन 11 अधिकारियों में 4 बिहार के, 2 राजस्थान के और 1-1 झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के हैं। यह विविध पृष्ठभूमि प्रशासनिक अनुभव को और समृद्ध बनाएगी।इनमें प्रमुख नामों में राज कृष्ण झा (सीतामढ़ी), सौरभ सिन्हा (दुमका), फरखंदा कुरैशी (बालाघाट), कुमुद मिश्रा (रोहतास), केतन शुक्ला (उत्तराखंड), कल्पना रावत (दिल्ली), निलेश गोयल (राजस्थान), प्रिंस राज (बिहार), अमित मीणा (राजस्थान), दीपक कुमार (बिहार) और अंकुर त्रिपाठी (अमेठी) शामिल हैं।
प्रेरणादायक कहानियां भी साथ ला रहे हैं अफसर
इन अधिकारियों में कई ऐसे हैं जिनकी सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। फरखंदा कुरैशी ने अपने जिले की पहली मुस्लिम महिला आईएएस बनकर इतिहास रचा। उन्होंने भूगर्भ शास्त्र में पढ़ाई करने के बाद 2019 से यूपीएससी की तैयारी शुरू की और कई प्रयासों के बाद चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। वहीं कुमुद मिश्रा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में पढ़ाई की और कठिन परिस्थितियों में इंटरव्यू देकर सफलता पाई। इनकी कहानियां युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बन रही हैं।
17 अप्रैल से संभालेंगे जिम्मेदारी
सभी 11 अधिकारी 17 अप्रैल को बिहार सरकार को जॉइन करेंगे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिलाधिकारी (DM) के अधीन सहायक जिलाधिकारी (Assistant DM) के रूप में काम करेंगे। इनका काम ब्लॉक स्तर से लेकर कलेक्ट्रेट तक रहेगा। इस दौरान ये फाइल निपटाने, जनसुनवाई, प्रशासनिक भाषा और सरकारी प्रक्रियाओं को समझेंगे। साथ ही बीडीओ, सीओ और एसडीओ के कार्यों की भी ट्रेनिंग लेंगे।
दिल्ली में भी होगी आगे की ट्रेनिंग
जिलों में प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों को दिल्ली भेजा जाएगा, जहां ये असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में काम करेंगे। इसके बाद अगले साल अप्रैल में इन्हें फिर से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में एडवांस ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।
बिहार में आईएएस पदों की स्थिति
बिहार में आईएएस अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद 359 हैं। इनमें से 29 अधिकारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं। अभी राज्य में केवल 280 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। इन 11 नए अधिकारियों के आने के बाद कार्यरत आईएएस अधिकारियों की संख्या बढ़कर 291 हो जाएगी। हालांकि अभी भी कई पद खाली रहेंगे, लेकिन इससे स्थिति में कुछ सुधार जरूर आएगा।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि नए आईएएस अधिकारियों की तैनाती से न केवल लंबित फाइलों का निपटारा तेज होगा, बल्कि योजनाओं की मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन भी बेहतर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रशासनिक सक्रियता बढ़ेगी। खासकर ब्लॉक और अनुमंडल स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।कुल मिलाकर, बिहार को मिल रहे ये 11 युवा आईएएस अधिकारी प्रशासनिक ढांचे को नई ऊर्जा देंगे और सुशासन की दिशा में एक अहम भूमिका निभाएंगे।






