1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Apr 30, 2026, 11:17:35 AM
- फ़ोटो Google
Bihar Education News: 1st Bihar/Jharkhand ने 29 अप्रैल को शिक्षा विभाग के अजब-गजब चिट्ठी जारी करने का खुलासा किया. विभाग का पत्र पढ़कर आरडीडीई से लेकर डीईओ-डीपीओ का सिर चकरा गया था. खुलासे के बाद शिक्षा विभाग की नींद खुली. इसके बाद विभाग ने भूल सुधार का पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया है कि टंकण भूल की वजह से ऐसी नौबत आई।
निदेशक (प्रशासन) ने टंकण भूल बताया
दरअसल, 1st Bihar/Jharkhand ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बिना देखे-पढ़े ही पत्र जारी करने का खुलासा किय़ा था. सचिवालय से 28 अप्रैल 2026 को पत्र जारी होता है, सभी डीईओ-आरडीडीई को निर्देश दिया जाता है कि हर हाल में 20 अप्रैल (जो बीत चुका होता है) तक जरूरी सूचना उपलब्ध कराएं. विभाग की चिट्ठी पढ़कर जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर कार्यक्रम पदाधिकारी तक चकरा गए थे.
20 अप्रैल नहीं 8 मई पढ़ा जाए...
हमारी खबर के बाद शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) ने 29 अप्रैल को शुद्धि पत्र जारी किया. जिसमें कहा गया है कि टंकण भूल की वजह से 28 अप्रैल को जारी स्मार पत्र में अभिलेख उपलब्ध कराने की तारीख 20 अप्रैल अंकित हो गई थी. इसे 8 मई 2026 पढ़ा जाए. मनोरंजन कुमार ने इस गलती को स्वीकार करते हुए नया पत्र जारी किया.
विभाग ने माना- डीईओ-डीपीओ ने नहीं दी जानकारी
शिक्षा विभाग ने 8 अप्रैल 2026 को पत्र लिखकर सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक और जिला शिक्षा पदाधिकारी से बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उपसंवर्ग) के अधिकारियों की सेवा इतिहास तैयार करने के लिए वांछित सूचना उपलब्ध कराने को कहा था. तब विभाग की तरफ से हर हाल में 20 अप्रैल तक सूचना मांगी गई थी. लेकिन 28 अप्रैल तक सिर्फ 20 अधिकारियों ने ही सेवा इतिहास से संबंधित सूचना उपलब्ध कराया था. अन्य पदाधिकारिय़ों ने सूचना देना मुनासिब नहीं समझा.
निदेशक (प्रशासन) ने 28 अप्रैल को स्मार पत्र भेजा
28 तारीख को चिट्ठी लिखकर 20 अप्रैल तक जमा करने को कहा
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशाशन) ने 28 अप्रैल के अपने पत्र में सभी प्रमंडल के आरडीडीई और सभी जिलों के डीईओ से कहा है कि आप स्वयं सेवा इतिहास से संबंधित जानकारी दें. साथ ही अपने अधीन बिहार शिक्षा सेवा के अधिकारियों को सूचना देने के लिए निदेशित करें. वांछित सूचना 20 अप्रैल 2026 तक निश्चित रूप से प्रशाखा-2 में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
चिट्ठी पर विवाद होने के बाद निदेशख प्रशासन ने 29 अप्रैल को शुद्धि पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि अभिलेख उपलब्ध कराने की तारीख 20 अप्रैल नहीं बल्कि 8 मई 2026 पढ़ा जाए।
