Hindi News / bihar / patna-news / अब बिना ट्रेनिंग सर्टिफिकेट नहीं बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, बिहार सरकार की बड़ी तैयारी

अब बिना ट्रेनिंग सर्टिफिकेट नहीं बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, बिहार सरकार की बड़ी तैयारी

बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम बदलने जा रहे हैं। अब एलएमवी लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ाना है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 23, 2026, 10:49:00 PM

बिहार न्यूज

बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में फैसला - फ़ोटो Generate AI image

PATNA: अगर आप बिहार में नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राज्य सरकार जल्द ही ऐसा नियम लागू करने जा रही है, जिसके तहत मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।


बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और नए वाहन चालकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया है। अब लाइट मोटर व्हीकल (LMV) का ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को मान्यता प्राप्त मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।


यह फैसला मंगलवार को पटना में आयोजित बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने की। परिषद ने निर्णय लिया कि बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में आवश्यक संशोधन कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। नियम लागू होने के बाद आवेदकों को राज्य में पंजीकृत ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाण पत्र परिवहन विभाग को जमा करना होगा, तभी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।


परिवहन, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क सुरक्षा परिषद से जुड़े पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। इस दौरान सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।


परिवहन विभाग के अनुसार, बिहार में वर्तमान में लगभग 41 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पंजीकृत हैं, जहां आधुनिक मानकों के अनुरूप वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में 66 मोटर वाहन प्रशिक्षण संस्थानों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 41 संस्थान संचालित हो चुके हैं, जबकि 25 संस्थान निर्माणाधीन हैं।


बैठक में बताया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले लगभग 50 प्रतिशत युवा ड्राइविंग टेस्ट में असफल हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण सड़क सुरक्षा नियमों और यातायात संकेतों की पर्याप्त जानकारी का अभाव है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी जिलों का वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर भी तैयार किया गया है। साथ ही, सड़क सुरक्षा से संबंधित गाइडलाइन तैयार कर जिलों को उपलब्ध करा दी गई है।


परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। एलएमवी लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र अनिवार्य करना सड़क हादसों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वहीं, परिवहन सचिव राजकुमार ने कहा कि विभाग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहा है। प्रशिक्षित चालक न केवल अपनी, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।