1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 14, 2025, 8:30:20 AM
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Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में निलंबित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रजनीकांत उर्फ प्रवीण ने आखिरकार पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आय से 3.6 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। विशेष अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए 27 अगस्त तक बेऊर जेल भेजने का आदेश दिया है।
निगरानी की विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जानकारी दी कि रजनीकांत के खिलाफ पहले से ही गैरजमानती गिरफ्तारी वारंट जारी था और 1 अगस्त को निगरानी अदालत द्वारा उनकी संपत्तियों की कुर्की-जब्ती का आदेश भी पारित किया गया था, इसके बावजूद वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। इससे पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी निगरानी अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी थी।
दरअसल, राज्य सतर्कता इकाई (SVU) ने गुप्त सूचना के आधार पर रजनीकांत के बेतिया कार्यालय सहित पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और रक्सौल स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में 1.87 करोड़ रुपये नकद, बड़ी मात्रा में सोना-चांदी, फिक्स्ड डिपॉजिट, महंगी संपत्तियों के दस्तावेज, और पटना, नोएडा, दिल्ली व कोटा में स्थित फ्लैट्स के कागजात बरामद किए गए। साथ ही कृषि एवं व्यावसायिक जमीन के दस्तावेजों के साथ कई अन्य वित्तीय अभिलेख भी जब्त किए गए।
SVU की जांच रिपोर्ट के अनुसार, रजनीकांत ने अपने कार्यकाल के दौरान जो संपत्ति अर्जित की, वह उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और अवैध कमाई की ओर इशारा करता है। इस पूरे मामले ने बिहार के शिक्षा विभाग में फैले संभावित भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं और राज्य प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही तेज़ी से जारी है।