Corruption in Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार भ्रष्टाचार रूपी दाग को धोने की कोशिश कर रही है. भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. सरकार ने अपने तीनों हथियार को एक्टिवेट कर दिया है. हाल के दिनों में सरकार की तीनों जांच एजेंसियां कार्रवाई में जुटी हैं. 10 जुलाई को विशेष निगरानी इकाई, आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचारियों पर टूट पड़ा है. सुबह से लगातार कार्रवाई जारी है.
सरकार ने तीनों एजेंसियों को किया एक्टिवेट, इंजीनियर ने 300 फीसदी ज्यादा अर्जित की संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आज एक बड़ी कार्रवाई की है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एक भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर रेड हुआ है. बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC), सहरसा में तैनात कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार के ठिकानों पर ईओयू ने छापेमारी की है. दरअरल, EOU की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभियंता प्रमोद कुमार के पास उनकी ज्ञात आय से 309.61% अधिक संपत्ति है। इस आधार पर आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 13/2025 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। FIR 9 जुलाई को दर्ज की गई थी। प्रमोद कुमार के खिलाफ यह जांच आय से अधिक संपत्ति (DA – Disproportionate Assets) के संदेह पर की जा रही है। इसके तहत पटना, सहरसा और सीतामढ़ी स्थित उनके आवासीय व व्यावसायिक परिसरों में एक साथ छापेमारी की गई।
एसवीयू ने डीएसपी के ठिकानों पर की छापेमारी
दूसरी बड़ी कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई ने की है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसवीयू ने सीआईडी के एक डीएसपी के खिलाफ केस दर्ज कर छापेमारी की गई है. विशेष निगरानी इकाई ने सीआईडी (मद्य निषेध प्रभाग) में पदस्थापित पुलिस उपाधीक्षक अभय कुमार यादव के खिलाफ केस सं-14/25 दर्ज कर खगड़िया में छापेमारी की गई है. चित्रगुप्त नगर के कृष्णा नगर स्थित उनके घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
निगरानी ने 1 लाख रू लेते किया गिरफ्तार
तीसरी बड़ी कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने किया है. किशनगंज में निगरानी ब्यूरो ने एक भ्रष्ट सरकारी सेवक को रिशवत लेते गिरफ्तार किया है. निगरानी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर प्रखंड के दौला पंचायत में पदस्थापित अमीन निरंजन कुमार को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी की टीम ने उसे बस स्टैंड के पास एक लाख रुपये की घूस लेते पकड़ा। दरअसल, पीड़ित जमील अख्तर ने निगरानी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी जमीन बांध निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। जमीन के मुआवजे के लिए अमीन निरंजन कुमार ने घूस की मांग की थी। जमील के अनुसार, अमीन ने साफ कहा था कि बिना चढ़ावा दिए मुआवजा नहीं मिलेगा। इसके बाद जमील और अन्य पीड़ितों ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होते ही निगरानी विभाग की टीम ने जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद गुरुवार को निगरानी की टीम किशनगंज पहुंची और घूसखोर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही वह बस स्टैंड में घूस के एक लाख रुपए ले रहा था, निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया और घूसखोर अमीन को रंगेहाथ धर दबोचा। इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।


