Hindi News / bihar / patna-news / Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 13 एजेंडों पर लगी मुहर

Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 13 एजेंडों पर लगी मुहर

पटना में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 03, 2026, 5:41:19 PM

Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 13 एजेंडों पर लगी मुहर

- फ़ोटो

Bihar Cabinet Meeting: इस वक्त की बड़ी खबर पटना से आ रही है, जो सम्राट कैबिनेट की बैठक से जुड़ी हुई है। पटना के मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। सम्राट कैबिनेट की बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गयी है। मंत्रीपरिषद की बैठक में बिहार दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र यादव सहित तमाम मंत्री मौजूद थे। 


बिहार कैबिनेट की बैठक में बिजली कंपनी में द्वी स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फॉर्म गठित करने के लिए दो अभियंता एवं दो विद्युत अधीक्षण अभियंता का पद सृजित करने का फैसला लिया गया है। वही मधुबनी के राजनगर में एक प्राइवेट कंपनी लीप एग्री लॉजिस्टिक्स की स्थापना करने और 83 करोड़ 25 लख रुपए की निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति दी गई है। इस निवेश के साथ-साथ कुल 109 लोगों के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा।


 जबकि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नबीनगर की स्थापना पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए 38 पदों के सृजन जिस पर 2 करोड़ 11 लाख 89000 प्रति वर्ष व्यय होगा भारतीय रेल बिजली कंपनी नबीनगर द्वारा निर्मित परिसर एवं सुविधाएं इकरारनामा के अनूप राज्य सरकार को निशुल्क हस्तांतरित किए जाने की स्वीकृति दी गई है। 


वही दरभंगा एम्स के लिए चयनित जमीन में नजदीकी नदियों की उड़ाहीकरण से प्राप्त मिट्टी गाद का उपयोग कर मिट्टी भराई एवं समिति कारण कार्य के लिए जल संसाधन विभाग को प्राधिकृत किया गया है। पूर्व से स्वीकृत योजना के अधीन जल संसाधन विभाग को प्राक्कलन के अनुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी, कैबिनेट में इसकी स्वीकृति दी गई है।


कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहा। सरकार ने इस योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा को ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य के अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि आय सीमा बढ़ने से ऐसे परिवारों को भी सहायता मिल सकेगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन पहले निर्धारित आय सीमा के कारण योजना के लाभ से वंचित रह जाते थे। 


इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा (सामान्य एवं विशेषज्ञ) तथा दंत चिकित्सक सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को उच्च शिक्षा एवं अन्य निर्धारित प्रयोजनों के लिए कुछ शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से जारी की जाएगी। फिलहाल चिकित्सा सहायता योजना की आय सीमा बढ़ाने के फैसले को आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

देखिये कैबिनेट में क्या-क्या फैसले लिये गये?