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Bihar News : बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अमीनों को मिलेगा गृह जिले के आसपास ट्रांसफर का विकल्प, इस महीने से शुरू होगी नई व्यवस्था

बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कार्यरत अमीनों के लिए ट्रांसफर नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब अमीनों को उनके गृह जिले के आसपास के तीन जिलों का विकल्प मिलेगा, जिससे वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में ट्रांसफर का चयन कर सकेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 19, 2026, 2:18:41 PM

Bihar News : बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अमीनों को मिलेगा गृह जिले के आसपास ट्रांसफर का विकल्प, इस महीने से शुरू होगी नई व्यवस्था

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Bihar News : बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कार्यरत अमीनों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत अब अमीनों को उनके गृह जिले के आसपास के जिलों में ट्रांसफर का विकल्प मिलने जा रहा है। इस कदम से न केवल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी, बल्कि विभागीय कामकाज में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार, सरकार की नई ट्रांसफर नीति के तहत अमीनों को उनके वर्तमान पदस्थापन जिले के आसपास अधिकतम तीन जिलों का विकल्प चुनने की सुविधा दी जाएगी। इन तीन जिलों में से किसी एक जिले में विभाग द्वारा उपलब्ध रिक्त पदों और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए ट्रांसफर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी।


विशेष ऑनलाइन पोर्टल की तैयारी अंतिम चरण में

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रहा है। यह पोर्टल जल्द ही विभागीय वेबसाइट पर लाइव किया जाएगा। इसके माध्यम से अमीन अपने पसंदीदा तीन जिलों का चयन कर सकेंगे और आवेदन पूरी तरह डिजिटल रूप में जमा होगा।


विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस पोर्टल में कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिसमें वर्तमान पदस्थापन, सेवा विवरण, खाली पदों की स्थिति और चयन के विकल्प शामिल होंगे। आवेदन से लेकर अंतिम अनुमोदन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार या अनावश्यक हस्तक्षेप की संभावना कम होगी।


लंबे समय से की जा रही थी मांग

अमीनों द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि उन्हें गृह जिले या उसके आसपास के क्षेत्रों में पदस्थापित किया जाए। दूर-दराज जिलों में तैनाती के कारण कई अमीनों को पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। कई कर्मचारियों ने यह भी बताया था कि दूरस्थ पदस्थापन के कारण उनके कार्य पर भी असर पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नई नीति तैयार की है, जिसे कर्मचारी हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


प्रशासनिक कार्यों में भी आएगी तेजी

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और राजस्व से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी। अमीनों की भूमिका भूमि सर्वेक्षण, दाखिल-खारिज, मापी और अन्य राजस्व कार्यों में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि वे अपने पसंदीदा क्षेत्र के आसपास कार्य करेंगे तो स्थानीय स्तर पर काम की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार देखा जा सकेगा। इसके अलावा विभाग को भी रिक्त पदों को भरने और मानव संसाधन के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी।


पारदर्शी प्रणाली पर जोर

नई प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए विभाग डिजिटल तकनीक का उपयोग कर रहा है। पोर्टल पर सभी आवश्यक जानकारियां जैसे कि जिलेवार रिक्त पद, कर्मचारियों की सूची और चयन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से उपलब्ध होगी। इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी बल्कि सभी निर्णय रिकॉर्ड आधारित और निष्पक्ष तरीके से लिए जा सकेंगे।


जून से शुरू हो सकती है प्रक्रिया

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस नई ट्रांसफर व्यवस्था को जून महीने से लागू करने की तैयारी की जा रही है। पोर्टल के पूरी तरह तैयार होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जल्द जारी किए जाएंगे।सरकार की इस पहल को अमीनों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याओं में कमी आएगी बल्कि राज्य की राजस्व व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और तेज हो सकेगी।