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दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर बड़ा विस्तार: आरा होकर बिछेंगी दो नई लाइनें, कोइलवर में बनेगा चार लेन रेल पुल; केंद्र से मंजूरी का इंतजार

Railway Projects in Bihar: दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर आरा होकर दो नई रेल लाइनें बिछाने और कोइलवर में सोन नदी पर चार लेन रेल पुल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 4000 करोड़ की इस परियोजना से ट्रेन संचालन तेज और सुगम होगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 19, 2026, 2:21:35 PM

Railway Projects in Bihar

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Railway Projects in Bihar: दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर जल्द ही बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा। रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार आरा जंक्शन होकर गुजरने वाले इस अत्यंत व्यस्त रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।


योजना के तहत करीब 3500 से 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही कोईलवर में सोन नदी पर देश का दूसरा चार लेन रेल पुल भी बनाया जाएगा।


रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना पूरी होने के बाद मौजूदा दो लाइन वाले रेलखंड को चार लाइन में विकसित किया जाएगा। इनमें एक लाइन पैसेंजर ट्रेनों, एक लाइन मालगाड़ियों और दो लाइन एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन के लिए निर्धारित होंगी। इससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा।


इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे अहम हिस्सा कोइलवर में सोन नदी पर नए रेल पुल का निर्माण है। यह पुल मौजूदा रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संभावना है कि इसी महीने जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी।


नए पुल के निर्माण के बाद पुराने और नए पुल को मिलाकर कुल चार रेल लाइनें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे एक ही समय में तीन-तीन ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। फिलहाल केवल दो लाइन होने के कारण अप और डाउन दिशा में एक-एक ट्रेन ही गुजर पाती है, जिससे परिचालन पर भारी दबाव बना रहता है।


हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड भारतीय रेल के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है और समय पालन बनाए रखना रेलवे के लिए चुनौती बन जाता है।


रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चार लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी और लंबी दूरी की ट्रेनों को समय पर चलाने में मदद मिलेगी।


इस परियोजना से आरा, बक्सर, बिहिया, डुमरांव और पटना समेत पूरे शाहाबाद क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल ढांचे के मजबूत होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम विलंब वाली ट्रेन सेवाएं मिल सकेंगी।


परियोजना को अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्व मध्य रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।