1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 03, 2026, 12:02:36 PM
- फ़ोटो
BIHAR NEWS : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। केंद्रीय मंत्रीचिराग पासवान ने इस पूरे घटनाक्रम को सीधे तौर पर "हत्या" बताते हुए बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा था तो उसे गोली मारना कानून और लोकतंत्र दोनों के खिलाफ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी और वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय को उठाएंगे।
शुक्रवार को चिराग पासवान भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। घर पहुंचते ही भावुक माहौल बन गया। भरत तिवारी की मां, पिता और बहन केंद्रीय मंत्री को देखते ही रो पड़े। चिराग ने परिवार को ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में एक बेहद गलत परंपरा की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने आता है तो उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए, न कि उसकी जान ले ली जाए। कानून किसी को भी बिना न्यायिक प्रक्रिया के मौत की सजा देने की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए। यदि किसी पर अपराध के आरोप हैं तो उसे अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। लेकिन किसी भी व्यक्ति को कथित एनकाउंटर के नाम पर मार देना स्वीकार्य नहीं है।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि इस मामले में जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन सभी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग करेंगे।
भरत तिवारी के पिता ने चिराग पासवान से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं भरत की मां ने अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अब वापस नहीं आएगा, लेकिन दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसा न हो।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल एनकाउंटर की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि उन सभी तथ्यों की भी जांच जरूरी है जो इस मामले से जुड़े हुए हैं। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार की आंखों में जो दर्द और आंसू हैं, उन्हें केवल निष्पक्ष जांच और न्याय से ही कम किया जा सकता है। चिराग पासवान ने कहा कि वह इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेंगे। उन्होंने दोहराया कि दोषी चाहे कोई भी हो, कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि गुरुवार को चिराग पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद वह पटना पहुंचे और अगले ही दिन भोजपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिले। इस क्रम ने मामले को राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में ला दिया है।
इधर, भरत तिवारी मामले से जुड़ा एक और दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जवनिया गांव के विस्थापितों के पुनर्वास पर खर्च किए गए लगभग 1400 करोड़ रुपये से जुड़े कथित घोटाले के कुछ अहम सबूत भरत तिवारी के मोबाइल फोन में मौजूद थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चिराग पासवान ने कहा कि यदि इस तरह के आरोप सामने आए हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच, दर्ज एफआईआर, संभावित गिरफ्तारियां और राजनीतिक दबाव—सभी पर नजरें टिकी हैं। भरत तिवारी एनकाउंटर केस बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।