1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 22, 2026, 4:03:49 PM
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस - फ़ोटो Google
Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस मुठभेड़ में युवक भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में लोकहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
यह याचिका अधिवक्ता मुकेश कुमार द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में लाने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ के समक्ष भी गुहार लगाई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि घटना से पहले भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित रूप से हथियार लहराते दिखाई दे रहा था। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस के पास पहले से सूचना थी तो गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई और न ही कोई हथियार बरामद किया गया।
याचिका के अनुसार, इसके अगले ही दिन युवक की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई, जिससे पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अधिवक्ता मुकेश कुमार का दावा है कि यह मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत होता है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया हो और फिर भी उस पर गोली चलाई गई हो, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
वहीं पुलिस का दावा है कि भरत भूषण तिवारी की ओर से 10 से 12 राउंड फायरिंग की गई थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। घटना के बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर चार पुलिसकर्मियों और शाहपुर थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश से कराने की घोषणा की है, हालांकि अब तक इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।