Hindi News / bihar / patna-news / Bankipur Bypoll 2026 : बांकीपुर में चुनावी रण शुरू! BJP के बंटी आज...

Bankipur Bypoll 2026 : बांकीपुर में चुनावी रण शुरू! BJP के बंटी आज भरेंगे नामांकन, RJD और प्रशांत किशोर ने भी झोंकी पूरी ताकत

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का सियासी मुकाबला तेज हो गया है। बीजेपी, राजद और जन सुराज ने पूरी ताकत झोंक दी है। आज बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ बंटी नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि सभी दल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 09, 2026, 7:20:28 AM

Bankipur Bypoll 2026 : बांकीपुर में चुनावी रण शुरू! BJP के बंटी आज भरेंगे नामांकन, RJD और प्रशांत किशोर ने भी झोंकी पूरी ताकत

- फ़ोटो

Bankipur Bypoll 2026 : पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है और चुनाव प्रचार के साथ-साथ शक्ति प्रदर्शन की रणनीति पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ बंटी अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान पार्टी बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटी हुई है।


बीजेपी की ओर से नामांकन कार्यक्रम को भव्य बनाने की योजना बनाई गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी की गई है। नामांकन से पहले अभिषेक कुमार सुबह पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद समर्थकों के काफिले के साथ गांधी मैदान स्थित समाहरणालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए एक जनसभा का भी आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।


बीजेपी के लिए यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी इसे अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने के अवसर के रूप में देख रही है। नामांकन कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।


दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस सीट से रेखा कुमारी गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। वह भी समाहरणालय पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगी। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर विपक्षी खेमे के भीतर असहमति की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि उम्मीदवार चयन को लेकर राजद के कुछ नेताओं में नाराजगी है। वहीं महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार चयन के बाद विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की होगी। यदि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला रोचक हो सकता है, लेकिन अंदरूनी असंतोष चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है।


बांकीपुर विधानसभा सीट इस बार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह सीट खाली होने के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट के खाली होने के बाद सभी प्रमुख दलों ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया है। चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।


उधर, जन सुराज भी इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर 11 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन से पहले उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। पिछले कई दिनों से वह लगातार वार्डों का दौरा कर रहे हैं और लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।


बुधवार को प्रशांत किशोर ने वार्ड संख्या 35 और 29 में पदयात्रा कर स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने चिरैयाटांड़ स्थित दुर्गा मंदिर से अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की और विभिन्न मोहल्लों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। जन सुराज का दावा है कि वह पारंपरिक राजनीति से अलग विकास और व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है।


हालांकि चुनावी माहौल के बीच जन सुराज को एक बड़ा राजनीतिक झटका भी लगा है। पार्टी के नेता बिट्टू सिंह ने संगठन से इस्तीफा देकर बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करेंगे। उनके इस फैसले को चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।


बांकीपुर उपचुनाव में अब मुकाबला बहुकोणीय होता दिखाई दे रहा है। एक ओर बीजेपी अपनी संगठनात्मक मजबूती और सरकार के कार्यों को जनता के सामने रख रही है, वहीं राजद महागठबंधन के समर्थन के भरोसे चुनावी मैदान में उतरा है। दूसरी तरफ जन सुराज खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस उपचुनाव का असर केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इसे सभी दल अपनी राजनीतिक ताकत, संगठन की क्षमता और जनाधार की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार तक हर गतिविधि पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मुकाबले में किस दल की रणनीति मतदाताओं को सबसे अधिक प्रभावित करती है और बांकीपुर की जनता किस उम्मीदवार पर अपना भरोसा जताती है।