1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 19, 2026, 5:32:06 PM
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Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' सभागार में नागर विमानन विभाग, भारत सरकार तथा सिविल विमानन विभाग, बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के विकास एवं आधुनिकीकरण, हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार, सुरक्षा ढ़ाचों का विकास, उड़ान योजना सहित सिविल विमानन विभाग द्वारा नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार से विमर्श के विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार एवं क्षमता वृद्धि को लेकर अपने सुझाव दिये। साथ ही दरभंगा हवाई अड्डे को अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाना, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफिल्ड हवाई अड्डा परियोजना, पूर्णिया हवाई अड्डा के स्थाई सिविल एन्क्लेव का निर्माण, मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर, सहरसा एवं बीरपुर हवाई अड्डे का विकास, संशोधित उड़ान योजना के अन्तर्गत बिहार को प्राथमिकता, अतिरिक्त हवाई अड्डों को उड़ान योजना में शामिल करना, फारबिसगंज हवाई अड्डे का उन्न्यन, राज्य की हवाई पट्टियों का तकनीकी मानकों के अनुरूप उन्नयन जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुयी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन का तेजी से विकास हो रहा है। हमलोगों का उद्देश्य अगले 5 वर्ष में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुणा बढ़ाना है। राज्य सरकार सभी जिलों में एयर कनेक्टिविटी को विकसित करने के लिये रोडमैप तैयार कर रही है। सिविल विमानन विभाग राज्य में हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और समावेशी विकास को लेकर विस्तृत योजना पर तेजी से काम करे। पूर्वी भारत में बिहार को क्षेत्रीय ऐविएशन हब के रूप में विकसित करने के लिये काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना हवाई अड्डा के रनवे के विस्तार एवं क्षमता वृद्धि को लेकर तेजी से काम करें। राज्य सरकार नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार को पूरा सहयोग करेगी। दरभंगा हवाई अड्डे को अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल जाने पर अन्तर्राष्ट्रीय यात्री संभावनायें बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बिहार को एक अग्रणी नागरिक उड्डयन केन्द्र के रूप में विकसित करना है, जिसमें सुरक्षित, निर्बाध और टिकाऊ सम्पर्क हो। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा, भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार, नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।