ब्रेकिंग
पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीरपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीर

Patna News: पटना में 2 दिन नहीं चलेंगे ऑटो और ई-रिक्शा, चालकों ने इस वजह से किया हड़ताल का ऐलान

Patna News: पटना में 8 और 9 जुलाई को ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की रहेगी हड़ताल, नए ट्रैफिक नियमों के विरोध में लिया गया है फैसला। बिहार बंद से भी बढ़ सकती है यात्रियों की परेशानी।

Bihar News
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Patna News: पटना में 8 और 9 जुलाई को ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। ऑटो एवं ई-रिक्शा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने नए ट्रैफिक नियमों और परिवहन विभाग की नीतियों के खिलाफ यह कदम उठाया है। हड़ताल के कारण पटना में करीब 25,000 ऑटो और 15,000 ई-रिक्शा सड़कों से नदारद रहेंगे, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। ऑटो यूनियन के महासचिव राजेश चौधरी ने बताया है कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है, जिसके चलते यह हड़ताल जरूरी हो गई है।


हड़ताल का मुख्य कारण परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियम हैं, जिनमें रूटों का रंग-कोडिंग सिस्टम, परमिट पर भारी जुर्माना और चार्जिंग प्वाइंट्स की कमी शामिल हैं। ऑटो यूनियन ने 10 सूत्री मांगें रखी हैं, जिनमें स्टैंडों पर बुनियादी सुविधाएं, ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में सुधार और ओला-उबर जैसे ऐप-बेस्ड टैक्सी के लिए समान नियम लागू करना शामिल है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन की हड़ताल के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू कर सकते हैं।


इस हड़ताल का असर पटना के दैनिक यात्रियों खासकर ऑफिस जाने वालों, छात्रों और रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से यात्रा करने वालों पर पड़ेगा। 9 जुलाई को विपक्ष द्वारा बिहार बंद के ऐलान से स्थिति और भी जटिल हो सकती है। बंद के प्रभावी होने पर दोपहर तक सार्वजनिक परिवहन की कमी रह सकती है, जिससे लोग पैदल या निजी वाहनों पर निर्भर हो सकते हैं। ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं पर मांग बढ़ने से किराया भी बढ़ सकता है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।


पटना जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने अभी तक हड़ताल को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, ऑटो यूनियन का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे 8 और 9 जुलाई को यात्रा की योजना बनाते समय वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें और ट्रैफिक अपडेट्स पर नजर रखें। हड़ताल के दौरान टाटा पार्क और गर्दनीबाग में प्रदर्शन की संभावना है, जिससे इन क्षेत्रों में जाम की स्थिति बन सकती है।

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें