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धनौती नदी पर बना 35 साल पुराना पुल टूटा, आवागमन बाधित, लोगों में खासा आक्रोश

पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड में धनौती नदी पर बना 35 वर्ष पुराना गोडा पुल ध्वस्त हो गया। पुल टूटने से आधा दर्जन पंचायतों का संपर्क कट गया है और पूर्वी चंपारण जाने वाला प्रमुख मार्ग बाधित हो गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 08, 2026, 9:36:50 PM

बिहार न्यूज

पुल के बीचों-बीच बना बड़ा गड्ढा - फ़ोटो रिपोर्टर

WEST CHAMPARAN: पश्चिम चंपारण को पूर्वी चंपारण से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। यहां 35 साल पुराना पुल अचानक ध्वस्त हो गया है। जिसके चलते आधा दर्जन पंचायतों का संपर्क टूट गया है। जिसे लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। 


मिली जानकारी के अनुसार मझौलिया प्रखंड के लालसरैया स्थित धनौती नदी पर बना गोडा पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया। बखरिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल का लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर नदी में समा गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। 


ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह माह से पुल जर्जर अवस्था में था। पुल के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बन गया था। इसकी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन कर रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को पुल की बदहाल स्थिति की जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।


करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने बताया कि धनौती नदी पर बने इस पुल का निर्माण लगभग 35 वर्ष पूर्व हुआ था। पुल की खराब स्थिति को लेकर दो माह पहले जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी, लेकिन मरम्मत या जीर्णोद्धार की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया।



पुल टूटने से आधा दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। साथ ही पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है। किसानों, छात्रों, मरीजों तथा सब्जी व्यवसायियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में पुल के किनारे से नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा नए पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और आवागमन जल्द बहाल हो सके।