1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 14, 2026, 1:41:45 PM
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BIHAR NEWS : नालंदा में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां जमीन और मकान विवाद ने एक मां-बेटे के रिश्ते को खून से रंग दिया। यह घटना जिले के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बदौरा गांव की है, जहां कथित रूप से दो बेटों ने मिलकर अपनी ही मां की गला रेतकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गांव में तनाव का माहौल बन गया है।
मृतका की पहचान स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की पत्नी जिलवी देवी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से परिवारिक विवाद के चलते मायके पक्ष में रह रही थीं। उनका ससुराल भाषीन बिगहा में है। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार में जमीन और मकान के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप लेता जा रहा था।
परिजनों ने इस जघन्य वारदात के लिए उनके दो बेटों—मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार—को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि दोनों भाइयों का अपनी मां के साथ संपत्ति को लेकर अक्सर विवाद होता था। कई बार घर में मारपीट और कहासुनी की घटनाएं भी हो चुकी थीं। बताया जाता है कि रविशंकर कुमार पटना में वाहन चालक का काम करता है।
घटना को लेकर यह भी सामने आया है कि मृतका जिलवी देवी ने कुछ समय पहले ही स्थानीय थाना में जाकर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि उनके बेटे कभी भी उनकी हत्या कर सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी उन पर हमला करने की कोशिश की गई थी, जिसमें किसी तरह उन्होंने पड़ोसियों के घर भागकर अपनी जान बचाई थी। इसके बावजूद समय रहते विवाद का समाधान नहीं हो सका और आखिरकार यह आशंका सच साबित हो गई। शनिवार को हुई इस घटना में उनकी हत्या कर दी गई, जिससे पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी उत्पन्न हो गई, हालांकि बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि महिला द्वारा पहले दी गई शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की गई होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था, लेकिन समय रहते हस्तक्षेप नहीं होने के कारण स्थिति इतनी भयावह हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपित बेटों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह दर्दनाक घटना न सिर्फ एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि समाज में बढ़ते संपत्ति विवाद और रिश्तों में आ रही संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।