Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र से कानून को चुनौती देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां बसंत पंचायत में गूंगी महिला से छेड़खानी के आरोप में ग्रामीणों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय खुद ही सजा सुना दी। पंचायत के कथित ‘तुगलकी फरमान’ के बाद युवक का आधा सिर मुंडवाकर उसके चेहरे पर कालिख पोती गई और फिर पूरे गांव में घुमाया गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पंचायत ने लगाया 5001 रुपये का जुर्माना
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक मूल रूप से पड़ोसी जिले सीतामढ़ी का रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से औराई इलाके में रह रहा है। आरोप है कि उसने गांव की एक दिव्यांग (गूंगी) महिला के साथ बदसलूकी की थी। जब इस घटना की जानकारी महिला के परिजनों और ग्रामीणों को हुई, तो गांव में आक्रोश फैल गया। इसके बाद जल्दबाजी में पंचायत बुलाई गई, जहां युवक को दोषी मानते हुए उस पर 5001 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सिर मुंडवाकर निकाला गया जुलूस
ग्रामीणों का गुस्सा यहीं नहीं थमा। पंचायत के फैसले के बाद युवक का आधा सिर मुंडवा दिया गया और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी गई। इसके बाद गले में गमछा डालकर उसे पूरे गांव में घुमाया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ लोग इस ‘सजा’ का समर्थन करते भी दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी युवक का परिवार बेहद गरीब है और उसके पिता भुजा बेचकर घर चलाते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानून के राज में भीड़ को सजा देने का अधिकार किसने दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी ईस्ट (वन) अलय वत्स ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है।
डीएसपी ने कहा, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। अगर वीडियो में दिख रही घटना और पंचायत द्वारा दी गई सजा की पुष्टि होती है, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पंचायत में मुख्य भूमिका किसने निभाई और युवक के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले लोग कौन थे।






