Patna News: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को खुले मंच पर बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यह बताएं कि उनके स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए कितने लोगों की नियुक्ति के लिए नियमावली बनाई गई, कितनों को नियुक्ति दी गई और कितनों की नियुक्ति के लिए अनुशंसा की गई।
मंगल पांडे ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव पूर्व में हुई नियुक्तियों का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह नियुक्तियां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके निर्देश पर हुई हैं। उन्होंने कहा, "आज जो भी सकारात्मक कार्य हुए हैं, उनका श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है, न कि तेजस्वी यादव को।"
दरअसल, आज राजधानी पटना के बापू सभागार में 21,391 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित हो रहा हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर किया है। मंत्री ने यह भी बताया कि केवल पिछले एक महीने में स्वास्थ्य विभाग में 9,000 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इसके अलावा शिक्षा, गृह और अन्य विभागों में भी बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रियाएं जारी हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में रोजगार देने की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा।
वोटर सूची पुनरीक्षण के दौरान दस्तावेज मांगने के सवाल पर तेजस्वी यादव द्वारा जताई गई आपत्ति पर पलटवार करते हुए मंगल पांडे ने कहा, "यह वही लोग हैं जो कभी नहीं चाहते थे कि चुनाव पारदर्शी हों। 1990 से 2005 तक का दौर देखिए तब लोग वोट डालने जाते थे, लेकिन फर्जी वोटर वोट डालते थे और असली मतदाता घरों में बैठे रह जाते थे।"
उन्होंने कहा कि आज जब चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है, तो तेजस्वी यादव को इस पर आपत्ति क्यों हो रही है? मंगल पांडे ने तंज कसते हुए कहा "अगर ईमानदार चुनाव से किसी को पेट में दर्द हो रहा है, तो यह समझा जा सकता है कि वह कौन-से समय की राजनीति करना चाहते हैं।"
मंगल पांडे का यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा उपचुनावों और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक हलचलों को और तेज़ कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं।
रिपोर्ट- प्रेम राज


