1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 28, 2026, 8:30:25 AM
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Bihar railway : बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर खड़ी एक एक्सप्रेस ट्रेन के खाली रैक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बोगी लपटों की चपेट में आ गई और स्टेशन परिसर में धुएं का घना गुबार फैल गया। घटना के बाद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना करीब सुबह तीन बजे के आसपास हुई जब स्टेशन के लिफ्ट क्षेत्र के पास खड़ी ट्रेन संख्या 22563 जयनगर–उधना एक्सप्रेस के एक जनरल कोच से पहले हल्का धुआं निकलता देखा गया। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य स्थिति समझा, लेकिन कुछ ही देर में धुआं तेजी से बढ़ने लगा और फिर अचानक बोगी में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन मास्टर को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। हालांकि, दमकल की टीम के पहुंचने से पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया था और जनरल कोच का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि जिस रैक में आग लगी थी वह पूरी तरह खाली था, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि या यात्रियों के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली। इसके बावजूद घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा स्वयं विशेष ट्रेन से मधुबनी स्टेशन पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान DRM ने घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। DRM ने कहा कि यह एक अत्यंत गंभीर घटना है और इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, जयनगर स्टेशन पर पर्याप्त लाइन और प्लेटफॉर्म की कमी के कारण कई ट्रेनों के खाली रैक मधुबनी सहित आसपास के स्टेशनों पर खड़े किए जाते हैं। इसी व्यवस्था के तहत यह रैक पिछले दो दिनों से मधुबनी स्टेशन पर खड़ा था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना हुई हो। करीब चार साल पहले भी मधुबनी स्टेशन पर ही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के खाली रैक में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग चुकी है। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।फिलहाल रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और तकनीकी टीम भी बोगी के अवशेषों का निरीक्षण कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।