1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 11, 2026, 11:52:21 AM
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Bihar News: बिहार के मधेपुरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में वर्षों से चल रहे देह व्यापार के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नहर किनारे बांसबाड़ी में टीन शेड की 18 झोपड़ियों के भीतर यह अवैध धंधा खुलेआम संचालित हो रहा था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक इसकी भनक स्थानीय स्तर पर किसी को नहीं लगी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब किसी अज्ञात व्यक्ति ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद एसपी संदीप सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां का नजारा देख दंग रह गई। एक ही स्थान पर 18 अस्थायी झोपड़ियों में संगठित तरीके से देह व्यापार चलाया जा रहा था।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 6 नाबालिग लड़कियों और 2 युवतियों को वहां से मुक्त कराया। इनमें से एक नाबालिग उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि अन्य लड़कियां बिहार के अलग-अलग जिलों—खगड़िया, अररिया, कटिहार और मुजफ्फरपुर से लाई गई थीं।
मुक्त कराई गई लड़कियों ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, वह बेहद दर्दनाक है। किसी को बहला-फुसलाकर लाया गया था, तो किसी को प्रेमजाल में फंसाकर इस दलदल में धकेल दिया गया। कुछ लड़कियां घर छोड़कर निकली थीं और गलत लोगों के संपर्क में आ गईं। अब हालात ऐसे हैं कि वे इस चक्रव्यूह से निकलना चाहती हैं, लेकिन सामाजिक डर और बदनामी के कारण घर लौटने से भी हिचक रही हैं।
पुलिस जांच में इस गिरोह के संचालन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे रैकेट को गौरीपुर निवासी अजय भगत और रंजीत उर्फ मु. राजू मिलकर चला रहे थे। अजय भगत की पत्नी इस धंधे में अहम भूमिका निभाती थी—वह ग्राहकों को लाने और पैसे की वसूली का काम करती थी, जबकि पुरुष सदस्य लड़कियों को नियंत्रित कर पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे।
इतना ही नहीं, जिस जमीन पर यह अवैध धंधा चल रहा था, उसके मालिकों की भी इसमें संलिप्तता सामने आई है। गौरीपुर निवासी मनोज पासवान और कटैया निवासी अजय कुमार पर आरोप है कि वे अपनी जमीन पर इस धंधे को चलाने के बदले किराया और कमीशन लेते थे।
पीड़ित लड़कियों ने बताया कि उन्हें रात में आरोपियों के घर पर रखा जाता था और दिन में झोपड़ियों में लाकर देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता था। पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से चल रहा था, ताकि किसी को शक न हो।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ी गई महिलाओं और मुक्त कराई गई लड़कियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग हैरान हैं कि इतने बड़े स्तर पर यह धंधा वर्षों से चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।