1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2026, 9:02:04 AM
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Bihar News : बिहार के खगड़िया जिले से गुरुवार को एक बड़ी खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत पसराहा थाना क्षेत्र में कोसी नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण कपसिया-बीरवास पीपा पुल का दक्षिणी छोर पानी में धंस गया। इस हादसे के बाद खगड़िया समेत मधेपुरा, सहरसा और भागलपुर जिले से इस क्षेत्र का सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुल धंसने के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कोसी नदी में पिछले कुछ दिनों से जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार सुबह नदी की तेज धारा और कटाव के कारण पुल के दक्षिणी हिस्से का बड़ा भाग अचानक धंस गया। देखते ही देखते पुल का मुहाना पानी में समा गया और आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और प्रशासन को सूचना दी गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी वर्ष 28 जनवरी को इस नवनिर्मित पीपा पुल का उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया गया था। लेकिन महज कुछ ही महीनों के भीतर पुल का हिस्सा धंस जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पुल निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
गोगरी प्रखंड के पैकांत मुखिया सिंकू पासवान, देवठा पंचायत के मुखिया आलोक कुमार, पूर्व मुखिया क्षत्री शर्मा और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर शर्मा ने कहा कि पुल का फाउंडेशन कोसी नदी के तेज कटाव को झेलने में पूरी तरह विफल साबित हुआ। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल इलाके के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा था और इसके टूटने से दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
पुल धंसने के बाद अब स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे कोसी नदी पार करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से कई गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से कट गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, हर साल कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए 15 जून तक इस पीपा पुल को हटाया जाना था। लेकिन निर्धारित समय से पहले ही पुल का धंस जाना प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। घटना की सूचना मिलते ही गोगरी के एसडीओ संजय कुमार और बीडीओ रघुनंदन आनंद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभाग के इंजीनियरों और तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया।
मौके पर मौजूद पीपा पुल के सुपरवाइजर पवन कुमार ने अधिकारियों को बताया कि नदी के तेज कटाव और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण पुल के दक्षिणी हिस्से की जमीन कमजोर पड़ गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मधेपुरा के कपसिया की ओर से भी लोगों और वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि पुल को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों को राहत मिल सके और जल्द यातायात बहाल किया जा सके। फिलहाल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।