1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Jun 14, 2026, 9:36:15 PM
पटना उपद्रव से सबक - फ़ोटो रिपोर्टर
JAMUI: मद्य निषेध पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पटना में परीक्षार्थियों द्वारा किए गए उपद्रव के बाद रविवार की देर शाम जमुई जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में नजर आया। जिले में आयोजित दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के साथ ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ट्रेन पकड़ने के लिए जमुई रेलवे स्टेशन पहुंच गए, जिससे स्टेशन परिसर में अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और किसी भी संभावित अव्यवस्था से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए।
जैसे ही रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ने लगी, जिला प्रशासन ने तत्काल आरपीएफ, जीआरपी, बरहट थाना और मलयपुर थाना की पुलिस को सक्रिय कर दिया। इसके अलावा दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल को भी स्टेशन परिसर में तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिसकर्मियों ने प्लेटफॉर्म और प्रवेश द्वारों पर मोर्चा संभालते हुए भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखा।
पटना में हुई घटना से सबक लेते हुए प्रशासन पहले से ही पूरी तैयारी के साथ मौजूद था। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में लगातार निगरानी रखी और लाउडस्पीकर के माध्यम से परीक्षार्थियों से धैर्य बनाए रखने तथा कतारबद्ध होकर ट्रेनों में चढ़ने की अपील की। पुलिस की मुस्तैदी और प्रशासनिक सतर्कता के कारण कहीं भी अफरा-तफरी या हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे अधिकारियों के साथ खुद जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने देर शाम तक हालात पर लगातार नजर बनाए रखी। बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव, मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ, जीआरपी थानाध्यक्ष श्रवण कुमार तथा आरपीएफ के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूरे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का असर यह रहा कि भारी भीड़ के बावजूद परीक्षार्थियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ट्रेनों में सवार कराया गया। स्टेशन पर मौजूद पुलिस बल ने न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखी बल्कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी बड़े आयोजनों और परीक्षाओं के दौरान इसी तरह की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

