Bihar News: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक इराकी नागरिक द्वारा अवैध घुसपैठ का मामला सामने आया है। रक्सौल के भारत-मैत्री पुल के पास सीमा सुरक्षा बल (SSB) के जवानों ने एक विदेशी नागरिक को भारतीय सीमा में बिना वैध दस्तावेजों के प्रवेश करते हुए गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान फौजी हामिद अल बयाती (उम्र 47 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बगदाद के अल-दोरा (इराक) का रहने वाला है। जब SSB द्वारा पूछताछ की गई तो वह कोई वैध पासपोर्ट, वीज़ा या प्रवेश पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में उसे हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में। भारत-नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है क्योंकि यह ओपन बॉर्डर (खुली सीमा) है और अक्सर अवैध गतिविधियों के लिए दुरुपयोग होती रही है।
एक विदेशी नागरिक, खासकर पश्चिम एशिया के देश से, बिना किसी वैध दस्तावेज के इस तरह भारतीय सीमा में प्रवेश करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और आईबी (Intelligence Bureau), RAW, तथा स्थानीय पुलिस के सहयोग से गहन जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या यह व्यक्ति अकेला था या किसी नेटवर्क का हिस्सा है? इसका मकसद भारत में प्रवेश करना क्या था?नेपाल में यह किससे मिला और कहां से आया? भारत-नेपाल सीमा लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी है और कई स्थानों पर बिना बाधा के पार किया जा सकता है। ऐसे में यह सीमा मानव तस्करी, नकली नोट, मादक पदार्थों और अवैध प्रवासियों के लिए संवेदनशील मानी जाती है।
बीते वर्षों में SSB और अन्य एजेंसियों ने कई विदेशी नागरिकों को इसी प्रकार की गतिविधियों में गिरफ्तार किया है। हालिया गिरफ्तारी ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाले संभावित आतंकी नेटवर्क की संभावना को हवा दे दी है। इराकी नागरिक की गिरफ्तारी कोई सामान्य घटना नहीं है। यह एक संकेत है कि भारत की सीमाओं पर निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। SSB की तत्परता सराहनीय है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय घुसपैठ का खतरा लगातार बना हुआ है।
रिपोर्ट- सोहराब आलम





