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बिहार को मिलेगा नया इंडस्ट्रियल हब: 1640 एकड़ में शुरू हुआ मेगा प्रोजेक्ट, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

Bihar News: बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी परियोजना अब जमीन पर नजर आने लगी है। गया के डोभी में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे इलाके में रोजगार और निवेश की उम्मीदें बढ़...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2026, 4:57:05 PM

बिहार को मिलेगा नया इंडस्ट्रियल हब: 1640 एकड़ में शुरू हुआ मेगा प्रोजेक्ट, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

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Bihar News: बिहार के गया जिले के डोभी प्रखंड में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना अब तेजी से जमीन पर उतरती नजर आ रही है। लंबे समय से इंतजार करने के बाद इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है। इलाके में भारी मशीनें पहुंच चुकी हैं और अधिग्रहित जमीन को समतल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस परियोजना को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, इस औद्योगिक कॉरिडोर के लिए करीब 1640 एकड़ निजी जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके अलावा वन विभाग की लगभग 1300 एकड़ जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है। परियोजना के तहत फिलहाल सबसे पहले जमीन समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है, ताकि आगे बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू किया जा सके।


बताया जा रहा है कि इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण की जिम्मेदारी NK Private Limited को सौंपी गई है। कंपनी ने डोभी प्रखंड मुख्यालय में अपना अस्थायी कार्यालय भी स्थापित कर लिया है। पिछले करीब पंद्रह दिनों से निर्माण एजेंसी के अधिकारी लगातार इलाके का दौरा कर रहे हैं और कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद इलाके में इतना बड़ा विकास कार्य शुरू हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना डोभी की तस्वीर बदल देगी। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक रोजगार के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता था, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद हालात बदल सकते हैं।


सूत्रों के मुताबिक, औद्योगिक कॉरिडोर को कई चरणों में विकसित किया जाएगा। जमीन समतल होने के बाद पूरे क्षेत्र की चहारदीवारी बनाई जाएगी, जिसके बाद अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों की स्थापना शुरू होगी। इस कॉरिडोर में ऑटोमोबाइल, साइकिल, आयरन रॉड, लेदर, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जुड़ी कंपनियां स्थापित किए जाने की योजना है।


बिहार सरकार और उद्योग विभाग भी इस परियोजना को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। नई सरकार के गठन के बाद विभागीय अधिकारी लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के संचालन को ध्यान में रखते हुए बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।


लोगों का मानना है कि यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब तक कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले इस क्षेत्र में उद्योगों की कमी के कारण रोजगार के अवसर सीमित थे। लेकिन अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के शुरू होने से गया और आसपास के जिलों की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।


सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना से करीब एक लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि अब उन्हें नौकरी के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।


इस मेगा प्रोजेक्ट को बिहार के औद्योगिक भविष्य की बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। अगर निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होता है, तो आने वाले वर्षों में डोभी बिहार के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।