Revenue Department Bihar : बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज गया जी दौरे पर पहुंचे। इस दौरान वह जमीन से जुड़े पुराने और लंबित विवादों के निपटारे को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाना था, लेकिन मंच से जनता और मंत्री के बीच हुए संवाद ने पूरे आयोजन को चर्चा का विषय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान जब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंच से जनता से सीधा सवाल किया कि “मेरी तरफ से विभाग में जो काम हो रहा है, उसका असर दिख रहा है क्या? इसका जवाब आप लोग दीजिए”—तो मंच के नीचे मौजूद लोगों ने बेबाकी से अपनी राय रख दी। लोगों ने एक सुर में कहा कि “फिलहाल तो गया जी में कुछ भी असर नहीं दिख रहा है। हो सकता है कि दूसरे जिलों में सुधार हो रहा हो, लेकिन गया जी में आज भी राजस्व अधिकारियों की मनमानी चल रही है।”
जनता की इस प्रतिक्रिया के बाद माहौल कुछ देर के लिए गंभीर हो गया। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े मामलों में अभी भी रिश्वतखोरी, अनावश्यक देरी और अधिकारियों की मनमानी आम बात है। वर्षों से चले आ रहे जमीन विवाद आज भी लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं और आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।जनता की शिकायतों और सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक अलग ही अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने खुद को डॉक्टर की उपमा देते हुए कहा, “किस बीमारी में कितनी दवा दी जाए, यह डॉक्टर ही समझता है। मैं भी ऐसा डॉक्टर हूं जो बीमारी देखकर इलाज करता हूं। मैं बीमारी देखकर ही इलाज करता हूं, ऐसी दवा नहीं देता जिससे रिएक्शन हो जाए। क्योंकि रिएक्शन होने से जान भी चली जाती है। इसलिए मैं बीमारी देखकर आराम से इलाज करता हूं।”
विजय कुमार सिन्हा के इस बयान को उन्होंने प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में बताया। उन्होंने कहा कि भूमि एवं राजस्व विभाग में वर्षों से जमी हुई समस्याएं एक दिन में खत्म नहीं हो सकतीं। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या गलत असर न पड़े। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि गया जी समेत पूरे बिहार में राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार गंभीर है और लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वालों पर कार्रवाई तय है। जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रियाओं को मजबूत किया जा रहा है और आम लोगों को दलालों के चंगुल से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, मंच के नीचे मौजूद लोगों का कहना था कि जमीन पर हकीकत अभी भी वैसी ही है। लोगों ने उम्मीद जताई कि उपमुख्यमंत्री के दौरे और उनके निर्देशों के बाद गया जी में भी राजस्व व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। अब देखना यह होगा कि जनता की नाराजगी और शिकायतों के बाद सरकार और विभागीय स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और क्या वास्तव में आम लोगों को जमीन विवादों से राहत मिल पाती है या नहीं।





