ब्रेकिंग
पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीरपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीर

धान खरीद के लक्ष्य से पीछे सरकार, विधानसभा में उठा मामला

PATNA : बिहार में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूरा नहीं होने का मामला आज बिहार विधानसभा में उठा. बिहार विधानसभा में आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह समेत अन्य सदस्यों ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से कैमूर जिले

धान खरीद के लक्ष्य से पीछे सरकार, विधानसभा में उठा मामला
Anamika
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : बिहार में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूरा नहीं होने का मामला आज बिहार विधानसभा में उठा. बिहार विधानसभा में आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह समेत अन्य सदस्यों ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से कैमूर जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं किए जाने का मामला उठाते हुए सरकार से धान खरीद की तारीख बढ़ाने की मांग रखी.

विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जवाब में सरकार की तरफ से सहकारिता मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लगातार धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य हासिल करने के लिए 21 फरवरी तक की समय सीमा तय की थी. मंत्री ने कहा कि 21 फरवरी के बाद किसानों के पास धान नहीं बच जाता इसलिए सरकार ने बहुत सोच समझकर यह फैसला किया था.

इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सदन में अपनी बात रखी. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में जितने धान का उत्पादन होता है और जितने चावल की जरूरत गरीबों को अनाज देने के लिए होती है वैसे में दूसरे राज्यों से धान खरीदकर लाने की बजाय क्यों नहीं यही चावल का उत्पादन कर गरीबों के बीच वितरण कराया जाता है. इसके जवाब में सहकारिता मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब सरकार के द्वारा धान की खरीद नहीं की जाएगी, तो इसके बाद विपक्ष  विधानसभा से वॉकआउट कर गए.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anamika

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें