PURNIA : कोरोना का खौफ देश हीं नहीं पूरी दुनिया को सता रहा है। लेकिन पूर्णिया में सीएए-एनआरसी के खिलाफ बैठी महिलाओं को इस बीमारी का कोई खौफ नहीं दिख रहा। विरोध में बैठी महिलाओं ने यहां तक कह दिया कि कोरोना से ज्यादा खतरा तो हमें सीएए-एनआरसी से है।
जिले के रेणु पार्क में पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से नागरिकता संशोधन कानून( सीएए) के विरोध में बैठी महिलाओं को कोरोना का कोई डर नहीं दिख रहा है। यहां तक कोरोना के लिए सरकार ने सर्कुलर जारी कर दिया है।पार्कों में ताले लटक गये हैं, सार्वजनिक तौर पर भीड़ नहीं जुटाने का निर्देश जारी किया गया है। बिहार के लगभग सभी जिलों से धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया जा रहा है बावजूद इसके महिलाएं टस से मस नहीं हो रहीं। उनका कहना है कि सीएए काला कानून है। ये किसी भी कीमत को सरकार को वापस लेना होगा।
धरना पर बैठी महिलाओं का कहना है कि चाहे आंधी आए या तूफान हम इस कानून के विरोध में धरना पर जमे रहेंगे । वहीं धरना प्रदर्शन करने वालों से जब पूछा कि सरकार ने कोरोना को लेकर आदेश जारी किया है फिर भी वो आंदोलन कर रहे हैं तो उनका कहना है कि कोरोना से ज्यादा खतरनाक है हमारे लिए सीएए है । इसलिए जब सरकार हमारी नहीं सुन रही है तो हम उनकी क्यों सुनें ।




