Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में राज्य के सदर अस्पतालों की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक सचिंद्र कुमार और प्रमोद कुमार ने सरकार से सीधा सवाल किया कि जब आम लोगों के इलाज का सबसे बड़ा सहारा सदर अस्पताल हैं, तो वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों बनी हुई है और इन व्यवस्थाओं में सुधार कब तक होगा।
विधायकों ने सदन में कहा कि कई जिलों के सदर अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, जांच मशीनों का अभाव, दवाओं की अनुपलब्धता और साफ-सफाई की खराब स्थिति जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण और गरीब तबके के लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने में सक्षम नहीं होते, इसलिए वे पूरी तरह सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि सदर अस्पतालों की स्थिति ही खराब रहेगी तो आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिल पाएगी।
सदन में उठे इस सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है और सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में विकसित किया जाए। इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले पांच वर्षों में सभी सदर अस्पतालों में सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आईसीयू और अत्याधुनिक जांच सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही भवनों के विस्तार और मरम्मत का कार्य भी किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान कर रही है।
विपक्षी सदस्यों ने मंत्री के जवाब पर कहा कि योजनाएं कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन जिलों में स्थिति अधिक खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य शुरू किया जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि सभी जिलों का सर्वे कराया जा रहा है और जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय की जाएगी।
बजट सत्र के दौरान उठे इस मुद्दे ने स्पष्ट कर दिया कि स्वास्थ्य व्यवस्था जनता के लिए एक बड़ा मुद्दा है। अब देखना होगा कि सरकार की घोषणा कितनी तेजी से धरातल पर उतरती है और कब तक राज्य के सदर अस्पताल वास्तव में सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाओं से लैस हो पाते हैं।





