Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में पटना AIIMS एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यहां कॉर्निया और किडनी प्रत्यारोपण की सफलता के बाद अब लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की योजना पर काम तेज हो गया है। साथ ही, ब्रेन ट्यूमर और हेमरेज जैसे गंभीर मामलों के इलाज के लिए रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होने वाली है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की विशेष मशीन खरीदने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। यह कदम मरीजों को दिल्ली या अन्य शहरों के चक्कर कटने से बचाएगा और इलाज को और भी ज्यादा प्रभावी बनाएगा।
यहाँ रोबोटिक सर्जरी की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। AIIMS पटना के ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने पहले ही रोबोटिक सर्जरी को शुरू कर दिया है जो सर्जिकल प्रिसिजन और रिकवरी को बेहतर बना रही है। अब न्यूरोसर्जरी में इसका विस्तार होगा और ब्रेन ट्यूमर वाले मरीजों को भी कम जोखिम वाली सर्जरी मिल सकेगी। मशीन की मदद से डॉक्टरों को सूक्ष्म ऑपरेशन आसानी से करने में मदद मिलेगी, जिससे रक्तस्राव और रिकवरी टाइम घटता है। सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में पहले से लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक चल रहा है, यह एंड-स्टेज लिवर डिजीज के मरीजों की इवैल्यूएशन और मैनेजमेंट करता है। जल्द ही यहां फुल-फ्लेज्ड लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी शुरू हो जाएगी, जिसमें मल्टीडिसिप्लिनरी टीम (सर्जन, हेपेटोलॉजिस्ट और सपोर्ट स्टाफ) शामिल होगी।
वहीं, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी-ट्रॉमा सेंटर को भी अपग्रेड किया जा रहा है। दिसंबर तक 200 अतिरिक्त ICU बेड्स जोड़े जाएंगे, जिससे कुल इमरजेंसी बेड्स 330 हो जाएंगे। क्रिटिकल केयर यूनिट का भवन भी अंतिम चरण में है, यहां वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग और अन्य सुविधाएं होंगी। इससे ट्रॉमा मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सकेगा। CSR फंड से बन रही बर्न यूनिट भी तैयार हो चुकी है और यह जलने के मामलों में मरीजों की विशेष देखभाल देगी।
इसके अलावा, कैंसर इलाज के लिए 27 एकड़ जमीन लेकर अत्याधुनिक कैंसर सेंटर का भी निर्माण होगा, बस राज्य सरकार से मंजूरी का इंतजार है। रिक्त फैकल्टी और स्टाफ पोजिशन्स को भी जल्द भरा जाएगा। ये विकास AIIMS पटना को पूर्वी भारत का प्रमुख हेल्थ हब बनाएंगे, जहां मरीजों को किफायती और हाई-टेक इलाज मिलेगा। लिवर ट्रांसप्लांट की लागत यहां 11-15 लाख के बीच रहेगी, यह अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल्स से काफी कम है।



