Bihar News: पटना के नया सचिवालय स्थित विकास भवन में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने अपने साथी क्लर्क राज कमल रजक की मौत के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण उनकी मौत हुई है।
मृतक राज कमल रजक (37) के सहयोगियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार उन्हें टारगेट किया जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। अत्यधिक कार्यभार और अनावश्यक दबाव की वजह से उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी, जो अंततः उनकी मौत का कारण बनी।
राज कमल रजक के पिता किशोर कुमार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को विभाग में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिससे उसकी जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सरकार उन्हें उचित मुआवजा दे और उनकी मृतक बेटे की छोटी बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद विभाग में तनाव का माहौल बना हुआ है, और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
आपको बता दें कि पटना के नई सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग में तैनात निम्न वर्गीय लिपिक, राज कमल रजक की मौत मंगलवार को ब्रेन हेमरेज के कारण हो गई। उनका निधन विभाग में एक गहरी शोक और आक्रोश का कारण बन गया है। सचिवालय के कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और वे मानसिक तनाव के शिकार हो गए थे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी दुखद मृत्यु हुई।
खबरों के मुताबिक राज कमल रजक को विभाग के अधिकारियों द्वारा एक महीने में 24 बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिनसे वह तनावग्रस्त रहते थे। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की कठोरता और दबाव के कारण उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ था। उनकी अचानक मृत्यु ने कर्मचारियों के बीच गहरी चिंता और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है।



