Bihar News: राजधानी पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर अब बिहार का दूसरा शहर मुजफ्फरपुर भी शहरवासियों को समुद्र तट जैसा रोमांचक अनुभव देगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सिकंदरपुर लेक फ्रंट का विकास तेजी से पूरा हो रहा है, जहां झील के किनारे वॉकवे, साइकिल ट्रैक और कल्चर गार्डन जैसी आधुनिक सुविधाएं तैयार हो चुकी हैं। कुल 213.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह प्रोजेक्ट सितंबर 2022 से चल रहा है और 90% काम पूरा हो चुका है। नगर आयुक्त विक्रम विरकर के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक तीसरा फेज खत्म हो जाएगा।
सिकंदरपुर झील को सौंदर्यीकरण का केंद्र बनाया जा रहा है, यह शहर के बीचोंबीच हरा-भरा स्पेस देगा। पहले दो फेज के तहत करबला रोड की ओर से वॉकवे, साइकिल ट्रैक, कल्चर गार्डन, लाइटिंग और ग्रीन बफर जोन बन चुके हैं। गेट के पास विशाल पंखों के बीच सेल्फी पॉइंट भी तैयार हैं, जहां युवा तस्वीरें खींचने का मजा ले सकेंगे। तीसरा फेज चल रहा है, जिसमें बोटिंग की सुविधा 80% पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, ओपन एयर ऑडिटोरियम और कम्युनिटी हॉल का निर्माण भी जोरों पर है। ये जगहें पिकनिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शाम की सैर के लिए आदर्श होंगी।
नगर आयुक्त विरकर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए सुकून का ठिकाना बनेगा। "तीन फेज में काम हो रहा है, दो पूरे हो चुके हैं। अगले महीने तक सब कुछ रेडी हो जाएगा। बोटिंग और स्टॉल्स की व्यवस्था भी हो रही है, ताकि लोग यहां घंटों बिता सकें।" स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मुजफ्फरपुर को 312 करोड़ रुपये का फंड मिला है, जिसमें सिकंदरपुर लेक फ्रंट प्रमुख परियोजना है। पहले देरी हुई थी, 15 सितंबर की डेडलाइन मिस हो गई और 25% काम बाकी था। लेकिन अब एजेंसी पर जुर्माना लगाकर काम तेज किया गया है।
यह विकास न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि शहर की हवा को भी साफ करेगा। सिकंदरपुर झील के आसपास ग्रीन बेल्ट से प्रदूषण कम होगा और युवाओं-परिवारों के लिए मनोरंजन का नया केंद्र बनेगा। मुजफ्फरपुर के लोग उत्साहित हैं, क्योंकि पटना के बाद यह बिहार का दूसरा ऐसा स्पॉट होगा जहां मरीन ड्राइव जैसा फील मिलेगा। उम्मीद है कि समय पर पूरा होकर शहर की सूरत बदल देगा।



