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डॉक्टर है या डाकू: बिहार के मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने स्वास्थ्य विभाग की खोली पोल, कहा..चौबीस घंटे में सस्पेंड करा देंगे

बिहार के एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन अस्पताल निरीक्षण के दौरान डॉक्टर की कथित लापरवाही पर भड़क उठे। गलत ऑपरेशन और मरीज को डिस्चार्ज करने पर 24 घंटे में निलंबन की चेतावनी दी।

बिहार न्यूज
डॉक्टर का कोई जात नहीं होता
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
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DESK: बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन अपने ही सरकार में डॉक्टर की लापरवाही पर भड़क उठे। कहने लगे कि डॉक्टर है या डाकू है। ये कैसा डॉक्टर है। उनके इस बयान ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलकर रख दी है।


दरअसल एक घटना में घायल पीड़ितों का हालचाल जानने के लिए वो अस्पताल गये थे। जहां एक मरीज के हाथ में स्टील ऐसा लगाया गया था कि जो ऊपर से दिख रहा था। मरीज का ठीक से टाका भी नहीं किया गया था। सुपरिटेंडेंट से जब उन्होंने इस संबंध में बात की तो पता चला कि डॉक्टर रामाशीष यादव ने ऑपरेशन किया है। सुपरिटेंडेंट से मंत्री ने कहा कि डॉक्टर रामाशीष यादव हो या फिर कोई और हो डॉक्टर का कोई जात नहीं होता है। 


डॉक्टर तो डॉक्टर होता है। डॉक्टर को भगवान का रुप कहा गया है। जिस डॉक्टर ने स्टील लगाया है, उसे देखकर समझा जा सकता है कि वो कैसा डॉक्टर है। वो डॉक्टर है या डाकू है। उन्होंने सुपरिटेंडेंट को मामले पर संज्ञान लेने को कहा। मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि यदि दिक्कत है तो डॉक्टर बदलिये, नहीं तो फिर वो गड़बड़ी करेगा। इस युवक के कंधे का हड्डी टूटा हुआ है। 


आप इसे अभी कैसे डिस्चार्ज कर सकते हैं। यहां रखकर अच्छे से इलाज कीजिए। ठीक से टाका नहीं दिया है। यह घोर लापरवाही है। एक तो इलाज ठीक से नहीं कर रहे हैं ऊपर से आप डिस्चार्ज कर रहे हैं। क्या आंख में रतौंधी हो गया है। इसे हल्के में ना लीजिए चौबीस घंटे में सस्पेंड करा देंगे। जब तक पूरा इलाज इस मरीज का नहीं हो जाए तब तक आप इसे डिस्चार्ज नहीं करेंगे। 

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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