ब्रेकिंग
बिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीपटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकीबिहार में ज्वेलर्स की दुकान से 20 लाख के गहनों की लूट, दिनदहाड़े बड़ी वारदात से हड़कंपसड़क किनारे खड़ी तीन कारों में अचानक लगी भीषण आग, दो गाड़ियां जलकर राख; लोगों ने जताई यह आशंकाईरानी तेल लेकर भारत आ रहे जहाज ने अचानक बदल दिया रास्ता, चीन की ओर क्यों बढ़ रहा ‘पिंग शुन’?बिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीपटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकीबिहार में ज्वेलर्स की दुकान से 20 लाख के गहनों की लूट, दिनदहाड़े बड़ी वारदात से हड़कंपसड़क किनारे खड़ी तीन कारों में अचानक लगी भीषण आग, दो गाड़ियां जलकर राख; लोगों ने जताई यह आशंकाईरानी तेल लेकर भारत आ रहे जहाज ने अचानक बदल दिया रास्ता, चीन की ओर क्यों बढ़ रहा ‘पिंग शुन’?

बिहार चुनाव से पहले IPS आदित्य कुमार को मिली बड़ी राहत, 3 साल बाद निलंबन मुक्त

बिहार चुनाव से पहले IPS आदित्य कुमार को बड़ी राहत मिली है। 3 साल बाद उनका निलंबन समाप्त किया गया है। हालांकि हाईकोर्ट जज के नाम पर DGP को फर्जी कॉल मामले की विभागीय जांच जारी रहेगी। अक्टूबर 2022 में उन्हें निलंबित किया गया था।

बिहार
आदित्य कुमार को बड़ी राहत
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: बिहार चुनाव से ठीक पहले IPS अधिकारी आदित्य कुमार को बड़ी राहत मिली है। 3 साल बाद राज्य सरकार ने उनका निलंबन समाप्त कर दिया है। हालांकि, हाई कोर्ट जज के नाम पर DGP को फर्जी कॉल करने के मामले में विभागीय जांच जारी रहेगी।


बता दें कि आईपीएस आदित्य कुमार को अक्टूबर 2022 में निलंबित किया गया था। 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी और मूल रूप से यूपी के मेरठ निवासी आदित्य कुमार उस समय गया के एसएसपी थे। उन पर अवैध शराब से जुड़े एक मामले में फतेहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था।


मुख्य मामला पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजय करौल के नाम पर बिहार के डीजीपी रहे एस.के. सिंघल को फर्जी कॉल कराने से जुड़ा हुआ है। आरोप यह है कि आदित्य कुमार ने अपने साथी अभिषेक अग्रवाल के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे मामले को रफा-दफा कराने के लिए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम से डीजीपी को फोन कराया था।


इसके अलावा, बिहार सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी को भी बेहतर पोस्टिंग के लिए कॉल करवाने का आरोप है। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद 16 अक्टूबर 2022 को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया, जबकि आदित्य कुमार फरार हो गए।


उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ। निचली अदालतों से जमानत खारिज होने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी याचिका खारिज कर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया और बेऊर जेल भेज दिए गए, जहां उन्हें विशेष वार्ड में रखा गया। शुक्रवार को गृह विभाग ने आदेश जारी कर 3 अक्टूबर 2025 से आदित्य कुमार का निलंबन समाप्त कर दिया। उन्हें बिहार पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें