ब्रेकिंग
पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीरपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीर

Bihar News: दारोगा बहाली मामले में SI गिरफ्तार, 13 लाख की ठगी के बाद मचा हड़कंप

Patna News: बिहार में लगातार भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है. अब राजधानी पटना के दारोगा बहाली के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप में पटना पुलिस लाइन में तैनात एक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया.

Patna News
पटना न्यूज
© GOOGLE
Viveka Nand
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Patna News: बिहार में लगातार भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। अब राजधानी पटना के दारोगा बहाली के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप में पटना पुलिस लाइन में तैनात एक दारोगा देव मोहन सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह झारखंड के गोड्डा जिले के दरियापुर गांव का रहने वाला है। इस मामले में पश्चिम चंपारण जिले के साठी थाना क्षेत्र के निवासी दीपेन्द्र कुमार, जो दारोगा अभ्यर्थी हैं, उनके पिता रघुनाथ पंडित ने दारोगा पर ₹13,49000 (तेरह लाख उन्चास हजार रुपये) ठगने का आरोप लगाया है।


दरअसल, आरोप है कि दारोगा देव मोहन सिंह ने दीपेन्द्र से कहा था कि वह उनकी शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) को पास करवाने में मदद करेगा। इसके एवज में उसने नकद और ऑनलाइन माध्यम से बड़ी राशि ऐंठी। बताया जा रहा है कि दीपेन्द्र पहले ही पीटी (Physical Test) और मेंस परीक्षा पास कर चुका था। देव मोहन सिंह ने इस लेन-देन में रजौली निवासी राहुल यादव को भी शामिल किया, जिसे पैसे दिलवाए गए थे।


हालांकि जब अंतिम परिणाम जारी हुआ तो दीपेन्द्र का नाम चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। इस पर उसके पिता रघुनाथ पंडित ने देव मोहन से पैसे वापस करने की मांग की और बताया कि वे एक गरीब किसान हैं, जिन्‍होंने जमीन बेचकर पैसे दिए थे। लेकिन देव मोहन सिंह ने पहले टाल-मटोल किया और फिर बेतिया से पटना तबादला हो जाने के बाद फोन उठाना भी बंद कर दिया।


थक-हार कर रघुनाथ पंडित ने डीआईजी से मुलाकात की और लिखित शिकायत दी। डीआईजी के निर्देश पर 17 जून 2025 को साठी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर दारोगा देव मोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।


इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। एक दारोगा द्वारा इस तरह से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करना न केवल विभाग की छवि को धूमिल करता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि अभ्यर्थियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किनके हाथों में होती है और उसका दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें