1st Bihar Published by: RAKESH KUMAR Updated Jun 22, 2026, 2:42:43 PM
भरत तिवारी के परिजनों से मिले खेसारीलाल - फ़ोटो Reporter
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ साथ सत्ताधारी दल के नेता भी इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं। न्यायिक जांच के आदेश जारी किए जाने के बावजूद घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इन सबके बीच भोजपुरी सिनेमा के एक्टर और सिंगर खेसारीलाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है।
दरअसल, भेजपुर एनकाउंटर को लेकर जारी घमासान के बीच नेता से लेकर अभिनेता तक भरत भूषण तिवारी के घर पहुंच रहे हैं और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। इसी बीच भोजपुरी एक्टर और सिंगर खेसारीलाल यादव भरत भूषण तिवारी के घर पहुंचे और उनकी मां समेत परिवार के लोगों से मुलाकात की और घटना पर दुख जताया।
इस मौके पर खेसारीलाल यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी की शहादत को सिर्फ पब्लिसिटी का चीज न बनाया जाए बल्कि इस आंदोलन को जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि जहां मेरी जरूरत होगी वहां खड़ा हो जाउंगा। फोटो खींचवाने के लिए तो बहुत सारे लोग आएंगे लेकिन करेंगे कुछ नहीं। ये लोग भरत तिवारी के लिए नहीं लड़ने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि लोग यहां आएंगे और अपनी पब्लिसिटी करने के बाद यहां से लौट जाएंगे। इससे बेहतर है कि जो भी नेता यहां पहुंच रहा है वे अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए इसके खिलाफ आवाज बुलंद करें। सोशल मीडिया प्लेटफार्म से दुनियाभर के लोग आपकी बातों को सुनेंगे। इस मां का जो होना था हो चुका है, अब इसे भरत तिवारी वापस नहीं मिलने वाले हैं।
खेसारी ने कहा कि यहां आकर भरत तिवारी के बारे में लोग 10 अच्छी बातें बोल देंगे लेकिन उनका जो सपना था वह किसी को नहीं दिख रहा है और ना ही आगे दिखेगा। उन्होंने परिवार के लोगों से यही कहा कि अगर कोई नेता विधायक यहां आता है तो उनसे सिर्फ यही कहिए कि भरत तिवारी का जो सपना था उसे पूरा कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कोई नेता भरत तिवारी के आंदोलन को आगे नहीं ले जाएगा बल्कि यह आंदोलन आम जनता का है और उसे ही इसे आगे लेकर जाना है। भरत तिवारी गरीबों के लिए काम कर रहे थे लेकिन यहां गरीबों के बारे में कौन सोंचता है। यहां अपराध को कम नहीं किया जाता है, अपराधी से हथियार नहीं छोड़वाया जाता है बल्कि उसे मार दिया जाता है।