Hindi News / bihar / bhojpur-news / Bihar News : "हथियार डालने के बाद मारी गई गोली?" भरत तिवारी एनकाउंटर...

Bihar News : "हथियार डालने के बाद मारी गई गोली?" भरत तिवारी एनकाउंटर में भाई का बड़ा दावा, 27 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच जारी है। तीसरे दिन भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने आयोग के सामने गवाही दी और आरोप लगाया कि घटना के 27 दिन बाद भी आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2026, 9:02:26 AM

Bihar News : "हथियार डालने के बाद मारी गई गोली?" भरत तिवारी एनकाउंटर में भाई का बड़ा दावा, 27 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

- फ़ोटो

 Bihar News :  भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मंगलवार को जांच प्रक्रिया के तीसरे दिन भी गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान भरत भूषण तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी और एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने आरा स्थित न्यायिक जांच आयोग के कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखा। आयोग की अध्यक्षता पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं।


गवाही देने के बाद मीडिया से बातचीत में चंदन तिवारी ने सरकार की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि घटना को 27 दिन से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद अधूरी रहेगी।


चंदन तिवारी ने बताया कि आयोग के समक्ष करीब आधे घंटे तक उनका बयान दर्ज किया गया। इस दौरान उन्होंने घटना से जुड़े सभी तथ्यों को विस्तार से रखा। उनका आरोप है कि उनके भाई भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और हथियार भी छोड़ दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। उन्होंने इस घटना को सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा की मांग की।


मंगलवार को आयोग के समक्ष बयान देने वाली दूसरी गवाह जवईनियां गांव की विस्थापित महिला ललित देवी ने भी दावा किया कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी थी। उनके अनुसार, भरत भूषण तिवारी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उसे तीन गोलियां मारीं। उन्होंने आयोग से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।


गवाहों के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। अब तक इस मामले में भरत भूषण तिवारी के माता-पिता, भाई-भाभी समेत सात लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। परिवार का कहना है कि अभी लगभग 25 अन्य गवाहों की गवाही बाकी है और आने वाले दिनों में भी बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।


चंदन तिवारी ने बताया कि वह दिल्ली में 17 जुलाई को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें न्यायिक आयोग की ओर से 14 जुलाई को गवाही के लिए समन मिला। इसके बाद वह तुरंत दिल्ली से आरा पहुंचे और आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।


गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत भूषण तिवारी को मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान भरत भूषण तिवारी फेसबुक पर लाइव था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में वह हथियार फेंकता हुआ दिखाई देता है। इसके कुछ ही क्षण बाद लाइव प्रसारण बंद हो जाता है। परिजनों का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी, इसलिए यह मुठभेड़ नहीं बल्कि फर्जी एनकाउंटर है।


इस मामले में भरत तिवारी की मां आशा देवी की शिकायत पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा, थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया। आयोग फिलहाल सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रहा है, जिसके बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।