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Bharat Tiwari Case : “पुलिस की नौकरी छोड़ दूंगा, दूसरा भरत तिवारी बनूंगा…” महापंचायत से पहले भरत भूषण के भाई और बिहार पुलिस के जवान आशीष तिवारी का बड़ा ऐलान!

भरत तिवारी मामले में महापंचायत से पहले बड़ा बयान सामने आया है। बिहार पुलिस के जवान और भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष तिवारी ने नौकरी छोड़ने और न्याय नहीं मिलने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 24, 2026, 12:05:01 PM

Bharat Tiwari Case : “पुलिस की नौकरी छोड़ दूंगा, दूसरा भरत तिवारी बनूंगा…” महापंचायत से पहले भरत भूषण के भाई और बिहार पुलिस के जवान आशीष तिवारी का बड़ा ऐलान!

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Bharat Tiwari Case : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसको लेकर आज महापंचायत बुलाया गया है लेकिन इससे ठीक पहले  एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। भरत तिवारी के चचेरे भाई और बिहार पुलिस में कार्यरत जवान आशीष तिवारी ने खुले मंच से अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान करते हुए न्याय नहीं मिलने पर बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।


महापंचायत में उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों के बीच आशीष तिवारी ने कहा कि-यदि एक सप्ताह के भीतर भरत तिवारी मामले में न्याय नहीं मिला तो वह भी “दूसरा भरत तिवारी” बनने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों ने समर्थन में नारेबाजी की।


आशीष तिवारी ने कहा कि वह बिहार पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन जब उनके अपने परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है तो ऐसी नौकरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि आज से वह अपनी पुलिस की नौकरी छोड़ रहे हैं और अब न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर हर मंच तक लड़ेंगे।


उनके इस ऐलान के बाद सभा स्थल पर मौजूद लोगों में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। कई लोगों ने इसे परिवार के दर्द और आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।


गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। मामले में पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। हाल ही में इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विवाद और गहरा गया है।


महापंचायत से पहले आशीष तिवारी का यह बयान आंदोलन को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन और तेज हो सकता है।


सभा के दौरान वक्ताओं ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक आशीष तिवारी के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भरत तिवारी प्रकरण अब केवल एक पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे का रूप लेता जा रहा है। आने वाले दिनों में होने वाली महापंचायत और उसके बाद की घटनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


फिलहाल आशीष तिवारी के इस्तीफे और न्याय नहीं मिलने पर “दूसरा भरत तिवारी” बनने संबंधी बयान ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।