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12 साल की उम्र में था 90 किलो वजन: ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा का सफर जानकर हैरान हो जायेंगे आप

PATNA: आपने टोक्यो में हो रहे ओलंपिक में आज भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को इतिहास रचते देखा होगा. नीरज चोपड़ा ओलंपिक इतिहास में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बन गये. लेकिन दुन

12 साल की उम्र में था 90 किलो वजन: ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा का सफर जानकर हैरान हो जायेंगे आप
Jitendra Vidyarthi
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PATNA: आपने टोक्यो में हो रहे ओलंपिक में आज भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को इतिहास रचते देखा होगा. नीरज चोपड़ा ओलंपिक इतिहास में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बन गये. लेकिन दुनिया के सबसे बडे खेल पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा का सफर कम रोचक नहीं है. देखिये कैसा रहा है नीरज चोपड़ा का सफर.


बचपन में मोटापे से परेशान थे नीरज

हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव में एक किसान परिवार में जन्मे नीरज चोपड़ा बचपन से ही भारी मोटापे से परेशान थे. सिर्फ 12 साल की उम्र में ही उनका वजन 90 किलो हो गया था. मोटापा से छुटकारा पाने के लिए वे जिम जाते थे. जिम के पास ही खेल का स्टेडियम था. जिम से छूटने के बाद नीरज चोपडा वहां खेल देखने जाते थे. 


नीरज के चाचा भीम चोपड़ा के मुताबिक उसी स्टेडियम में उनकी मुलाकात  जैवलिन थ्रो के प्रसिद्ध खिलाड़ी और कोच जय चौधरी से हुई. स्टेडियम में बच्चे भाला फेंकते थे औऱ जय चौधरी उन्हें ट्रेनिंग देते थे. एक दफे नीरज बच्चों को भाला फेंकते देख रहे थे तो कोच मे कहा कि वह भी आकर जेवलिन यानि भाला फेंक कर देखे. कोच ने कहा कि देखते हैं कि कहां तक भाला फेंक पाते हो. नीरज ने जब भाला फेंका तो वह काफी दूर गिरा. उसके बाद कोच जय चौधरी ने उन्हें स्टेडियम आकर भाला फेंकने की ट्रेनिंग लेने को कहा. तब से नीरज की जिंदगी बदल गयी. उन्होंने कुछ दिनों तक पानीपत स्टेडियम में ट्रेनिंग ली और फिर पंचकूला जाकर रेगुलर ट्रेनिंग करने लगे. 


जूनियर लेवल से ही हासिल करते रहे सफलता

9 साल पहले देश के खेल जगत में नीरज चोपड़ा की चर्चा तब हुई जब जूनियर लेवल की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में रिकार्ड बना दिया। उन्होंने 68.46 मीटर भाला फेंक कर राष्ट्रीय रिकार्ड कायम कर दिया। लेकिन 4 साल बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया। जूनियर लेवल की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने 86.48 मीटर की दूरी तक भाला फेंक कर विश्व रिकार्ड बना दिया। दुनिया की किसी जूनियर लेवल की प्रतियोगिता में किसी प्रतिभागी ने इतनी दूरी तक भाला नहीं फेंका है। 


हालांकि सीनियर लेवल की प्रतियोगिता में उन्हें सबसे बडी सफलता 2018 के राष्ट्रमंडल खेल(कॉमनवेल्थ गेम्स) में मिली। 2018 के एशियन गेम्स औऱ कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। उसके बाद से वे ओलंपिक की तैयारी में लग गये थे। ओलंपिक की तैयारी के लिए भारत सरकार ने उन्हें काफी मदद दी. सरकारी खर्चे पर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लंदन भेजा गया जहां उन्होंने कड़ी मेहनत की।


सेना में सूबेदार हैं नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने खेल कोटे से सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर बनाया गया औऱ वे फिलहाल सूबेदार मेजर के पद पर कार्यरत हैं। आज जब उन्हें गोल्ड मेडल मिला तो भारतीय सेना में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी। देश के रक्षा मंत्री समेत सेना प्रमुख ने उन्हें जीत की बधाई दी।

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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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