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Bihar News: सम्राट चौधरी का ‘विजन बिहार, तीन भरोसेमंद मंत्रियों को अति महत्वपूर्ण जिलों का बनाया प्रभारी, दांव लगाने के पीछे की क्या है वजह ?

सम्राट चौधरी सरकार ने अपने विजन पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। कैबिनेट विस्तार, विभागों के बंटवारे और प्रभारी मंत्रियों की सूची से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार का मुख्य फोकस निवेश, टाउनशिप विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 16, 2026, 12:45:34 PM

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Bihar News: बिहार में सम्राट सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है. नई सरकार का फोकस क्या है..यह स्पष्ट है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए सधे अंदाज में निर्णय लेना शुरू कर दिया है. कैबिनेट विस्तार, विभागों का बंटवार, फिर तीस दिनों का रिपोर्ट कार्ड देखेंगे तो साफ तौर पर दिखेगा. प्रभारी मंत्री वाली सूची को जब गौर से देखेंगे, तब वहां भी मुख्यमंत्री की सोच दिखेगी. 

सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए किन मंत्रियों पर दांव लगाया है ? मंत्रियों की लिस्ट देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं. सम्राट चौधरी के विजन को समझना है तो तीन चेहरों पर गौर करें, जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया है. ये तीन मंत्री हैं- ई. शैलेंद्र, नीतीश मिश्रा और श्रेयसी सिंह. तीनों भाजपा कोटे से हैं. इन तीनों में भी नीतीश मिश्रा और श्रेयसी सिंह की भूमिका सबसे अहम है. 

बिहार में कम से कम पांच लाख करोड़ का निवेश लाना है, नये टाउनशिप का विकास करना है, साथ ही हवाई सेवा का विस्तार करना है. इसके बिना बिहार का विकास संभव नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई बार इस नीति को स्पष्ट कर चुके हैं. यानि सम्राट चौधरी का सबसे बडा विजन बिहार में निवेश लाना है. निवेश उद्योग विभाग के जरिये आयेगा. ऐसे में सम्राट चौधरी ने अपने सबसे बड़े विजन औद्योगिकरण की जिम्मेदारी नये चेहरे श्रेयसी सिंह को सौंपे दी है.

बिहार में टाउनशिप का विकास करना है. इसके लिए मुख्यमंत्री ने तेजतर्रार, जानकार और समझदार मंत्री नीतीश मिश्रा को नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी दी है. मुख्यमंत्री ने इनके कंधों पर शहरी विकास की जिम्मा दिया है.टाउनशिप का विकास बगैर बिहार का विकास संभव नहीं.  सुदूर इलाके से पटना को जोड़ने के लिए एक और विश्वासपात्र मंत्री ई.शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. 

मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया है. प्रभारी मंत्री की लिस्ट देखेंगे तो पाएँगे, जिन शहरों पर ज्यादा फोकस है, वहां इन तीन मंत्रियों को प्रभारी मंत्री बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा को भागलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिला का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. वर्तमान में भागलपुर जिले में कई महत्वकांक्षी योजनाएं धऱातल पर उतारने को लेकर सरकार प्रयासरत्त है. 

  • भागलपुर के पीरपैंती में अडानी ग्रुप द्वारा बिहार का सबसे बड़ा 2400 मेगावाट का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने का काम होने जा रहा है. 21,000 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ यहाँ रेल-सड़क कॉरिडोर के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। सिर्फ थर्मल पावर ही नहीं भागलपुर और मुंगेर के बीच गंगा नदी के किनारे लगभग 100 किमी लंबा मरीन ड्राइव बनाने का प्रस्ताव है. जिसकी लागत लगभग ₹8,500 करोड़ है. भागलपुर में सेटेलाइट टाउनशिप भी बसाना है. बिहार में जिन 11 शहरों में टाउनशिप का विकास करना है,उसमें भागलपुर भी शामिल है . 'ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप' के रूप में विकसित करने की योजना है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स (Smart City) के तहत शहर के अंदरूनी हिस्सों को स्मार्ट बनाने का काम है.

  • पीरपैंती में प्रस्तावित अडानी पावर लिमिटेड की 2400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना के लिए आवश्यक रेलवे कॉरिडोर-सह-सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गयी है. इस संबंध में राज्य इकाई आद्री, पटना ने सामाजिक आकलन रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट का मूल्यांकन एक्सपर्ट टीम कर चुकी है. मूल्यांकन के आधार पर समाहर्त्ता-सह-समुचित सरकार, भागलपुर द्वारा आदेश जारी किया गया है. इस कॉरिडोर के निर्माण को सफळता पूर्वक कराने को लेकर नीतीश मिश्रा को भागलपुर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. 
  • उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह को सीतामढ़ी जैसे महत्वपूर्ण जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है. सीतामढ़ी अपने आप काफी ऐतिहासिक जिला है, इस जिले पर प्रधानमंत्री मोदी की भी नजर है. अयोध्या में भघवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के बाद अब सीतामढ़ी में मां जानकी का भव्य मंदिर बनाया जाना है. माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को 'सीतापुरम' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें एक भव्य जानकी मंदिर, परिक्रमा पथ, सीता वाटिका और मंडप का निर्माण कार्य शामिल है।

  • एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी: सीतामढ़ी को तीन बड़े एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है. राम-जानकी पथ (अयोध्या से सीधा संपर्क), गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे शामिल है. सीतामढ़ी में सीतापुरम सैटेलाइट टाउनशिप का विकास करना है. बेहतर शहरी विकास के लिए लगभग 750 एकड़ में आधुनिक सुविधाओं और स्मार्ट-सिटी जैसी निगरानी वाली सैटेलाइट टाउनशिप बनाई जा रही है।

सम्राट चौधरी ने जिन्हें पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया है, उन्हें दरभंगा जैसे काफी महत्वपूर्ण जिला का प्रभारी मंत्री बनाया है. ई. शैलेन्द्र भी न सिर्फ पथ निर्माण विभाग में बल्कि दरभंगा में एम्स निर्माण, मिथिला ग्रीन सिटी को धऱातल पर उतरवा कर अपने नेता के मिशन को पूर्ण करेंगे.