Bihar Election 2025: पटना हाईकोर्ट ने दानापुर विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी और विधायक रीतलाल यादव को चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर आने के मामले में किसी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि रीतलाल यादव को एमपी-एमएलए कोर्ट से औपबंधिक जमानत की गुहार लगाने की पूरी छूट है लेकिन हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के लिए जेल से रिहा करने की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि रीतलाल यादव की ओर से हाईकोर्ट में चार सप्ताह की औपबंधिक जमानत देने की मांग की गई थी, ताकि वे अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर सकें। इससे पहले, उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट से दानापुर विधानसभा से राजद प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने की अनुमति मांगी थी।
उस पर सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस संरक्षण में भागलपुर जेल से दानापुर लाकर नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी थी। निर्देश के बाद रीतलाल यादव को जेल प्रशासन ने भागलपुर से दानापुर लाया, जहां उन्होंने पुलिस सुरक्षा में नामांकन पत्र दाखिल किया और इसके बाद उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान रीतलाल यादव की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यह मामला विशेष परिस्थितियों का है, क्योंकि आवेदक को दानापुर विधानसभा से राजद प्रत्याशी बनाया गया है और 6 नवंबर को मतदान होना है। इसलिए उन्हें केवल चार सप्ताह के लिए औपबंधिक जमानत दी जाए ताकि वे प्रचार कर सकें। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी.के. शाही ने कहा कि यह अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है।




