Bihar Politics: जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे एनडीए गठबंधन में सीटों को लेकर घमासान तेज़ हो गया है। एक तरफ जहां जीतन राम मांझी ने 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह दी है तो वहीं दूसरी तरफ मोतिहारी विधानसभा सीट को लेकर भाजपा और जदयू आमने-सामने आ गए हैं।
दरअसल, सीट शेयरिंग से पहले ही जेडीयू और बीजेपी ने उम्मीदवारों का एलान करना शुरू कर दिया है। बीजेपी की ओर से हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और सांसद राधामोहन सिंह ने सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया कि वर्तमान विधायक प्रमोद कुमार ही आगामी चुनाव में मोतिहारी से पार्टी के उम्मीदवार होंगे।
वहीं, दूसरी ओर जेडीयू नेता दिव्यांशु भारद्वाज ने खुद को मोतिहारी सीट से एनडीए का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उन्होंने मोतिहारी के बापू सभागार में एक बड़े जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन कर अपनी उम्मीदवारी का एलान कर दिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और मंत्री संजय झा का आशीर्वाद मुझे प्राप्त है। मोतिहारी को एक युवा नेतृत्व की जरूरत है। मैं अपने दम पर इस बार चुनाव लड़ने को तैयार हूं।
दिव्यांशु भारद्वाज ने इशारों में वर्तमान विधायक प्रमोद कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो वर्तमान विधायक हैं, वो भोज तो खूब करते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं से दूर हैं। मोतिहारी को अब एक सक्रिय, युवा और ज़मीनी नेता की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार उनका चुनाव लड़ना तय है।
ऐसे में NDA के लिए मोतिहारी सीट चुनौती बनती दिख रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनडीए नेतृत्व इस टकराव को कैसे सुलझाता है। क्या बीजेपी और जेडीयू आपसी सहमति से किसी एक नाम पर मुहर लगाएंगे या मोतिहारी की सीट गठबंधन में विवाद की वजह बनेगी?
रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी



