Land for Job Case: चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर निर्णय अब गुरुवार को होगा।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई 103 आरोपियों से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अदालत ने 4 दिसंबर को सीबीआई को सभी आरोपियों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। इनमें से 4 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।
इससे पहले 8 दिसंबर को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने विभिन्न आरोपियों की स्थिति की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। विशेष सीबीआई न्यायाधीश विशाल गोगने यह तय कर रहे हैं कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं या नहीं।
सीबीआई ने इस मामले में लालू प्रसाद, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सहित कई अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी का आरोप है कि 2004–2009 में रेल मंत्री रहते हुए, ग्रुप-डी में रेलवे नियुक्तियों के बदले लालू परिवार से जुड़े लोगों के नाम जमीन उपहार में या स्थानांतरित की गई।
सीबीआई के अनुसार, ये नियुक्तियां नियमों के विरुद्ध थीं और लेन-देन में बेनामी संपत्तियों का उपयोग किया गया, जो आपराधिक साजिश का हिस्सा है। हालांकि, सभी आरोपी आरोपों से इंकार करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताते हैं।




