Land For Job Case: रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन और फ्लैट रजिस्ट्री कराने के मामले में लालू प्रसाद और उनके परिवार के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस में चार्ज फ्रेमिंग पर आज अहम सुनवाई है। किसी भी वक्त कोर्ट का फैसला आ सकता है।
दरअसल, चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में बुधवार को एक बार फिर सुनवाई टल गई थी। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर निर्णय आज होगा। बुधवार को सीबीआई 103 आरोपियों से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी।
इससे पहले 8 दिसंबर को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने विभिन्न आरोपियों की स्थिति की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। जिसके बाद कोर्ट ने 10 दिसंबर की तारीख निर्धारित की थी लेकिन सीबीआई कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके बाद कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई का समय दिया था।
सीबीआई ने इस मामले में लालू प्रसाद, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सहित कई अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी का आरोप है कि 2004–2009 में रेल मंत्री रहते हुए, ग्रुप-डी में रेलवे नियुक्तियों के बदले लालू परिवार से जुड़े लोगों के नाम जमीन उपहार में या स्थानांतरित की गई।
सीबीआई के अनुसार, ये नियुक्तियां नियमों के विरुद्ध थीं और लेन-देन में बेनामी संपत्तियों का उपयोग किया गया, जो आपराधिक साजिश का हिस्सा है। हालांकि, सभी आरोपी आरोपों से इंकार करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताते हैं।




