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खात्मे की ओर बढ़ रही जेडीयू ? नीतीश के सामने हाथापाई की स्थिति, नईं प्रदेश कमेटी में दागियों की मौज, पार्टी में भारी बवाल

जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी बनने के एक दिन बाद नीतीश कुमार के आवास पर बड़ा विवाद सामने आया। पूर्व महासचिव और एमएलसी संजय गांधी के बीच तीखी बहस हुई। प्रदेश कमेटी के गठन को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए गए।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jul 09, 2026, 6:00:35 PM

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PATNA: पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के सामने आज बेहद अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई. पार्टी के एक निवर्तमान महासचिव नीतीश कुमार को ये बता रहे थे कि जेडीयू प्रदेश कमेटी के गठन में भारी गड़बड़ी हुई है. इसी बीच वहां मौजूद एमएलसी संजय गांधी ने शिकायत कर रहे पार्टी नेता को टोकना शुरू कर दिया. उनसे कहा कि शिकायत करना बंद करिए और यहां से जाइये. 

संजय गांधी पर गंभीर आरोप

प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि इसके बाद संजय गांधी और पार्टी के निवर्तमान महासचिव के बीच जबरदस्त बहसबाजी हो गई. जेडीयू के निवर्तमान महासचिव ने संजय गांधी पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उन्होंने पार्टी को बेच दिया है. पैसे लेकर पार्टी के पदाधिकारी बनाए जा रहे हैं. संजय गांधी ने अपनी पत्नी को योग्यता न रहने के बावजूद बिहार सरकार में एक बड़ा पद दिला दिया है. 

सुरक्षाकर्मियों ने हटाया

जेडीयू के निवर्तमान महासचिव और संजय गांधी के बीच तीखी बहस में ऐसी हालत हुई कि नीतीश कुमार के आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को आकर दोनों को हटाना पड़ा. 

जेडीयू नेता ने की पुष्टि

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ये बहस जेडीयू के निवर्तमान महासचिव धीरज कुशवाहा और संजय गांधी के बीच हुई. फर्स्ट बिहार से बातचीत में धीरज कुशवाहा ने स्वीकार किया कि उनकी संजय गांधी से बहस हुई है. लेकिन उन्होंने और विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया. धीरज कुशवाहा ने बताया कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखने गए थे, इसमें दूसरा कोई कैसे रोक लगा सकता है.

जेडीयू में भारी बवाल

नीतीश कुमार के आवास पर गुरुवार की सुबह हुआ वाकया सिर्फ एक उदाहरण है. जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी के गठन के बाद पार्टी के अंदर भारी बवाल छिड़ गया है. जेडीयू के कई प्रमुख नेता खुलेआम आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, ललन सर्राफ और संजय गांधी ने अपने अपने आदमी को सेट कर प्रदेश कमेटी बनाई है. पार्टी के लिए जी जान से काम करने वाले ज्यादातर नेताओं को प्रदेश कमेटी से बाहर कर दिया गया है.

कल ही बनी है प्रदेश कमेटी

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बुधवार को ही अपनी कमेटी का ऐलान किया है. पार्टी की नई प्रदेश कमेटी में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, 38 प्रदेश महासचिव और 74 प्रदेश सचिवों की नियुक्ति की गई है। नई कमेटी के ऐलान के बाद ही घमासान छिड़ गया है.

नीतीश से मिलेंगे 50 नेता

जेडीयू के एक नेता ने बताया कि पार्टी के लिए समर्पित 50 नेता शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलकर सारी बातों की जानकारी देंगे. उन्हें बताया जाएगा कि कैसे जेडीयू से गद्दारी करने वालों को पुरस्कृत किया गया है. जेडीयू नेताओं के बड़े वर्ग का आरोप है ये सब इसलिए किया जा रहा है कि जेडीयू को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके. 

दागियों की मौज

जेडीयू के एक नेता ने पूरी लिस्ट गिनाई. पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को धोखा देने वालों की सूची बनी थी. जिन पर धोखा देने का आरोप लगा, वे मलाई खा रहे रहे हैं. जेडीयू ने सुमित कुमार सिंह को मुख्यालय प्रभारी बनाया गया है, उनके खिलाफ पार्टी के विधायक बबलू मंडल लिखित शिकायत दी थी कि सुमित चुनाव में खुलकर जेडीयू का विरोध कर रहे थे. 

जेडीयू के एक नेता ने बताया कि अरुण वर्मा को भी मुख्यालय प्रभारी महासचिव बनाया गया है. ये वहीं अरुण वर्मा हैं जो RCP के साथ मिलकर जेडीयू और नीतीश कुमार के बारे में निचले स्तर की बातें कर रहे थे.

पार्टी के एक और मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा दो साल पहले ही जेडीयू में आए हैं. वे पहले उपेंद्र कुशवाहा के साथ थे. जेडीयू के एक नाराज नेता ने बताया कि शंभू कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष ने खास कारणों से खास ईनाम दिया है.

भारती मेहता से लेकर संजय कांत पर गंभीर आरोप

जेडीयू नेताओं के मुताबिक 2025 के विधान सभा चुनाव में पार्टी की प्रत्याशी मीना कामत ने लिखित शिकायत की थी कि भारती मेहता ने उनका खुलकर विरोध किया. लेकिन भारती मेहता MLC बना दिया गया. मीना कामत ने एक और नेता वासुदेव कुशवाहा के बारे में भी शिकायत की थी, लेकिन पार्टी नेता आरोप लगा रहे हैं कि वासुदेव कुशवाहा अभी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के लिए सारी डील कर रहे हैं. इसलिए उन्हें फिर से महासचिव बना दिया गया है.

2025 के विधानसभा के दौरान जेडीयू नेता संजय कांत का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे हरनौत से पार्टी के उम्मीदवार हरिनारायण सिंह के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रहे थे. लेकिन उन्हें भी महासचिव बनाया गया है.

ललन सिंह के समर्थकों की छुट्टी

जेडीयू के अंदर ये चर्चा भी जोरों पर है कि ललन सिंह के समर्थकों की चुन चुन कर छुट्टी कर दी गई है. नीतीश कुमार की राजनीति के शुरुआती दिनों से जुड़े लोक प्रकाश सिंह को प्रदेश महासचिव पद से हटा दिया गया है. लोक प्रकाश सिंह के फिलहाल ललन सिंह से बेहद नजदीकी संबंध हैं. ललन सिंह समर्थक अंजनी सिंह, बौंडिल सिंह, राजीव रंजन पटेल जैसे कई नेताओं की छुट्टी कर दी गई है.

श्रवण कुमार के करीबियों की भी छुट्टी

पार्टी के एक नेता ने बताया कि जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार के करीबियों की भी छुट्टी कर दी गई. नालंदा के राजेश पाल पिछले चुनाव में। श्रवण कुमार के चुनाव प्रभारी थे. उन्हें भी प्रदेश कमेटी से बाहर कर दिया गया. 

जो देश भर में वायरल हुआ वह भी आउट

जेडीयू के एक नेता ने दिलचसो बात बताई. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब सीएम का पद छोड़ रहे थे तो जेडीयू के एक नेता का रोते हुए वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था. वो नेता थे प्रदेश सचिव राजीव रंजन पटेल. राजीव रंजन पटेल को भी प्रदेश कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. 

समता पार्टी के समय से नीतीश कुमार से जुड़े और उनके लिए लड़ने वाले कई नेता जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी से गायब हैं. मनोरंजन गिरी, संतोष कुशवाहा, पप्पू निषाद, मुकेश कुमार, संजय मालाकार, धीरज कुशवाहा, अरविंद निषाद, निखिल मंडल, परशुराम पारस, सुनील कुमार जैसे कई नेता इस बार की प्रदेश कमेटी में शामिल नहीं हैं.

जेडीयू को खत्म करने की साजिश

जेडीयू नेताओं का नाराज गुट कह रहा है कि ये पार्टी को खत्म करने की कोशिश है. वे खुलेआम पैसा लेकर पर बांटने का आरोप भी लगा रहे हैं. वे ऐसे दो दर्जन नेताओं का नाम बता रहे हैं जिन्होंने पार्टी के लिए कोई काम नहीं किया लेकिन पद हासिल हो गया. जेडीयू नेताओं का नाराज गुट नीतीश कुमार से मिलकर इन्हीं बातों को उनके सामने रखने की तैयारी में है.