Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधान पार्षद सुनील सिंह के पटना के गर्दनीबाग स्थित सरकारी आवास को आज खाली कराया गया। मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में बंगला खाली कराया गया। विधान परिषद के सदस्य नहीं रहने पर विभाग ने सुनील सिंह का बंगला खाली कराया है। बंगला खाली कराये जाने को लेकर सुनील सिंह ने कहा कि सरकार मेरे ऊपर कितना विद्वेश भावना रखती है प्रतिशोध की अग्नि में वो कितना धधक रही है यह साफ दिख रहा है।
सुनील सिंह ने आगे कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने इसमें स्थगन आदेश दिया हुआ था कल तक यह आदेश था। आज संडे था। सुनील सिंह ने भवन निर्माण विभाग पर भी हमला बोलते हुए कहा कि यदि आवास में नल का टोटी टूट जाए तो उसे बदलने में भवन निर्माण विभाग एक महीने का समय लगा देता है। लेकिन कल तक कोर्ट ने स्थगन आदेश दे रखा था लेकिन बंगला खाली कराने के लिए एक दिन पहले संडे को ही ये लोग पहुंच गये। जब घर को खाली कराया जा रहा तब मैं रांची में था। मुझे इसकी कोई सूचना नहीं दी गयी।
सुनील सिंह ने कहा कि अचानक लोग पहुंच गये और पूरे सामान को बाहर फेंक दिया। पूरा सामान छिटराया हुआ था उसको पैंकिंग करवा रहे हैं। एक से एक बहूमुल्य सामान था। लाइसेंसी आर्म्स भी था। परिवार के सारे सदस्य शादी समारोह में शामिल होने के लिए रांची गये हुए हैं। हम लोगों के अनुपस्थिति में घर का सारा सामान बाहर फेंक दिया गया। इसी को देखने से लगता है कि सरकार मेरे ऊपर कितना विद्वेश भावना रखती है प्रतिशोध की अग्नि में वो कितना धधक रही है।
सुनील सिंह ने कहा कि पूरा सामान बाहर लॉन में फेंका गया है वो तो धन्य मानिये की संगीता सिंह के घर में मेरा सामान नहीं फेंका गया। संगीता जी हमी लोग के पार्टी में थी खूटा तोड़कर गई है। आवास खाली कराने से हमारा बोलिया बंद करवा दीजिएगा क्या? हम आपके जूती में दाल पीने लगेंगे क्या? आवास खाली करके हमारी आवाज दबा नहीं सकते हैं। हम कोई और नेता की तरह नहीं है। 25 व्यक्ति ऐसे है जो सत्तारुढ पार्टी से जुड़े हुए हैं वो किसी भी पद पर नहीं है लेकिन उनकों मंत्री का बंगला मिला हुआ है। ये लोग चापलूसी करके बंगला ले लिये हैं उससे हमको क्या बिगड़ता है। भवन निर्माण विभाग की यह कार्रवाई गलत है। यदि कोर्ट का स्थगन आदेश नहीं होता तो कबका खाली कर चुके होते।


