ब्रेकिंग
‘हम क्या बने हैं.. क्या नहीं, ई सब कुछ जानबे नहीं करते है’, पर्यावरण संरक्षण समिति का सदस्य बनाएं जाने पर बोले अनंत सिंह2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी ‘हम क्या बने हैं.. क्या नहीं, ई सब कुछ जानबे नहीं करते है’, पर्यावरण संरक्षण समिति का सदस्य बनाएं जाने पर बोले अनंत सिंह2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी

Ex. MLC Sunil Singh Case: लालू के करीबी पूर्व MLC सुनील सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, जानिए.. SC में क्या हुआ?

बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मिमिक्री करने पर सदस्यता रद्द होने के बाद आरजेडी के पूर्व एमएलसी सुनील सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनील सिंह की याचिका पर सुनवाई की है.

Ex. MLC Sunil Singh Case
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
© file
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Ex. MLC Sunil Singh Case: विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मिमिक्री कर अपनी सदस्यता गवां चुके लालू प्रसाद के करीबी आरजेडी के पूर्व एमएलसी सुनील सिंह की याचिका पर 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। विधान परिषद की सदस्यता रद्द होने के बाद सुनील सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


RJD के पूर्व MLC सुनील सिंह की याचिका पर अब 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा। सुनील सिंह के वकील एएम सिंघवी ने आज कोर्ट में कहा कि चुनाव आयोग यह सब नहीं कर सकता है। जब कोई मामला लंबित हो तो चुनाव नहीं कराया जा सकता है। जिसपर वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि सुनील सिंह ने नीतीश कुमार का एक कैरिकेचर भी बनाया था।


इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि राजनीति में हास्य इसी तरह काम करता है। इसके बाद सिंघवी ने कहा कि आजादी में कुछ छूट है और सदन में रहते हुए अभिव्यक्ति की आजादी होती है। स्थाई निष्कासन हो जाए तो घर खाली हो जाएगा। जिसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हां, सिंघवी के पास अधिक अनुभव है लेकिन सम्मान और गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। अब कोर्ट 9 जनवरी को इस मामले पर अंतिम सुनवाई करेगा।


दरअसल, लालू-राबड़ी परिवार के करीबी आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने पिछले सत्र में सदन के अंदर सीएम नीतीश कुमार का अंदाज कॉपी करते हुए मिमिक्री की थी। लालू के करीबी सुनील सिंह के साथ साथ आरजेडी के एक और एमएलसी कारी सोहैब ने भी इसी तरह का बर्ताव किया था। आरजेडी के दोनों एमएलसी के खिलाफ मामला विधान परिषद की अचार समिति के पास भेजा गया था।


समिति के सामने आरजेडी एमएससी कारी सोहैब ने अपनी गलती स्वीकार की थी लेकिन सुनील कुमार सिंह ने गलती नहीं मानी थी। समिति ने जांच करने के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट सभापति को भेज दी थी। सभापति ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अशोभनीय व्यवहार करने और उनकी नकल उतारने के आरोप में सुनील सिंह की विधान परिषद की सदस्यता को रद्द कर दिया था। जिसके बाद राजद के पूर्व विधान पार्षद सुनील सिंह ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें