Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद महागठबंधन के अंदर कलह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि चुनाव को लेकर उन्हें बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पप्पू यादव ने कहा कि “विपक्ष के नेता को इसकी जानकारी पहले भी थी। उनका दायित्व था कि वे सभी से बात करें, बैठक बुलाएं और रणनीति तय करें। उन्होंने मेरे प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी या किसी अन्य नेता से बातचीत नहीं की, और शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा नहीं की। यह जिम्मेदारी का उल्लंघन है।”
बता दें कि सोमवार को बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में सभी पांच सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खाते में गईं। मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायकों की गैरहाजिरी ने राजनीतिक समीकरण बदल दिया और राजग को निर्णायक बढ़त दिलाई।
चुनाव में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा और जदयू के रामनाथ ठाकुर को 42-42 वोट प्राप्त हुए। महागठबंधन के राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को केवल 37 वोट मिले। द्वितीय वरीयता के मतगणना में भाजपा के शिवेश राम की जीत के साथ पांचवीं सीट भी राजग के खाते में चली गई।
महागठबंधन की रणनीति के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बसपा के एक विधायक का समर्थन हासिल था। लेकिन मतदान के समय कांग्रेस के तीन विधायक (वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से मनोज विश्वास, मनिहारी से मनोहर सिंह) और राजद के ढाका से विधायक फैजल रहमान वोट देने नहीं पहुंचे। इन चार गैरहाजिर वोटों की कमी ने महागठबंधन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और राजग को निर्णायक बढ़त मिल गई।


